इंदौर। बाल अपराधों की रोकथाम, बच्चों की सुरक्षा और बेहतर संरक्षण के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ऊर्जा डेस्क प्रभारियों और बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम-2015 एवं पॉक्सो अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई।पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में 22 अगस्त को पुलिस आयुक्त कार्यालय के मीटिंग हॉल में आयोजित कार्यशाला में बाल किशोर इकाई, बाल कल्याण समिति और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। इसमें नगरीय इंदौर के विभिन्न थानों की ऊर्जा डेस्क प्रभारी महिला पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई तथा अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) आर.के. सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) प्रियंका डुडवे, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र पंड्या, सामाजिक संस्था आरंभ के विजय यादव, अर्चना सहाय, आस्था सक्सेना सहित समिति के सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।बाल हितैषी पुलिसिंग पर जोरकार्यशाला की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा प्रियंका डुडवे ने की। उन्होंने कार्यशाला की रूपरेखा और उद्देश्य बताते हुए बच्चों के हितों के लिए काम करने वाली संस्थाओं तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर.के. सिंह ने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पुलिस की संवेदनशील, जिम्मेदार और बाल-केंद्रित भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को कानून के प्रावधानों का प्रभावी पालन करते हुए बाल हितैषी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।पॉक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारीप्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों, बच्चों से संबंधित मामलों की जांच प्रक्रिया, बाल हितैषी पुलिसिंग और संबंधित संस्थाओं के बीच प्रभावी समन्वय के विषय में विस्तार से जानकारी दी।इसके अलावा पॉक्सो एवं किशोर न्याय से जुड़े मामलों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, CNCP और CCL बच्चों से संबंधित प्रक्रियाओं, विशेष किशोर पुलिस इकाई की भूमिका, समयबद्ध विवेचना, सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं पर भी चर्चा की गई।अधिकारियों ने साझा की व्यावहारिक समस्याएंकार्यशाला में प्रशिक्षणार्थी पुलिस अधिकारियों ने बाल अपराधों की रोकथाम और संरक्षण के दौरान दैनिक कार्य में आने वाली कानूनी एवं व्यावहारिक समस्याओं को विशेषज्ञों के सामने रखा। अधिकारियों ने संबंधित प्रावधानों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समाधान बताया गया।कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की बेहतर समझ प्रदान करने के साथ ही मामलों में संवेदनशीलता, समयबद्ध कार्रवाई और बाल हितैषी दृष्टिकोण को मजबूत करना रहा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जागरूकता पाठशाला में विद्यार्थियों ने सीखा कानून, अधिकार, सुरक्षा और जिम्मेदारी का पाठ सोना-चांदी के बढ़ते दामों के बीच पुराने गिरवी ग्राहक कर रहे परेशान, सराफा व्यापारियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन