छिंदवाड़ा। भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी के रंग को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश कपाले ने जर्सी के पारंपरिक नीले रंग के स्थान पर केसरिया रंग अपनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे खेलों का राजनीतिकरण बताया है।सुरेश कपाले ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम वर्षों से नीली जर्सी पहनती आई है और यह रंग देश की खेल परंपरा तथा टीम की पहचान का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जर्सी का रंग बदलने का निर्णय उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार खेलों में भी अपनी विचारधारा थोपने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि सरकार को खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए, न कि खेलों से जुड़े प्रतीकों को विवाद का विषय बनाना चाहिए।कपाले ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी केवल एक रंग नहीं, बल्कि देश के खेल इतिहास और खिलाड़ियों की पहचान से जुड़ी विरासत है। उन्होंने मांग की कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी को पूर्ववत नीले रंग में ही रखा जाए।जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से पुनर्विचार करने की मांग करते हुए कहा कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को ‘स्वतंत्रता दिवस’ घोषित किया, अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग तेज 83 करोड़ के नए जिला अस्पताल की खुली पोल, स्ट्रेचर के लिए मरीज को ढोते रहे परिजन; प्रबंधन ने दी सफाई