कांग्रेस नेता ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और सम्भायुक्त को सौंपा ज्ञापन, 2.28 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा दो वर्ष पूर्व के धान खरीदी घोटाला एवं गेंहू खरीदी के भ्रष्टाचार को खराब कहकर किसानों के ऊपर थोपा जाएगा: कुँवर रीवा । रीवा संभाग में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता कुंवर सिंह पटेल ने रीवा संभागायुक्त एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) रीवा के पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2026 में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं में भारी अनियमितता हुई है। आरोप के अनुसार रीवा जिले में 308 टन तथा सतना जिले में 551 टन गेहूं खरीदी केंद्रों से गोदाम या वेयरहाउस तक पहुंचने से पहले ही गायब हो गया। इस प्रकार दोनों जिलों में कुल 859 टन गेहूं का हिसाब नहीं मिल रहा है। समर्थन मूल्य के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये बताई गई है। कांग्रेस नेता ने ज्ञापन में कहा है कि किसानों से गेहूं की खरीदी तो की गई लेकिन संबंधित मात्रा का अनाज वेयरहाउस तक नहीं पहुंचा। इससे किसानों के भुगतान पर भी असर पड़ा है और कई किसानों को अब तक पूरी राशि नहीं मिल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्ष के धान खरीदी में अभी तक किसानों के पैसे नही मिले अब गेंहू खरीदी के भ्रष्टाचार को किसानों के ऊपर थोप दिया जाएगा कि आपका गेंहू खराब था। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में लंबे समय से अनियमितताएं होती रही हैं, जिनमें गेहूं में 40 से 50% मिट्टी और कचरा मिलाना, गीला अनाज जमा करना तथा रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी शिकायतें शामिल हैं। ज्ञापन में हाल ही में सागर जिले में सामने आए गेहूं में मिट्टी मिलाने के मामले का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रीवा और सतना जिलों में भी इस प्रकार की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं लेकिन संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कुंवर सिंह पटेल ने दावा किया है कि खाद्य विभाग के संयुक्त संचालक एच.एस. परमार द्वारा गेहूं के गायब होने की पुष्टि की जा चुकी है तथा सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने स्वयं स्वीकार किया है उन्होंने ईओडब्ल्यू से मांग की है कि रीवा और सतना जिले के सभी खरीदी केंद्रों के खरीदी रिकॉर्ड, परिवहन रिकॉर्ड तथा वेयरहाउस में जमा स्टॉक का मिलान कर व्यापक जांच कराई जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि पूरे रीवा संभाग में गेहूं खरीदी और भंडारण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए तो बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। कांग्रेस नेता कुंवर सिंह और कांग्रेस नेता विनोद शर्मा ने पूरे प्रकरण की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) अथवा सक्षम एजेंसी से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 11 लाख रुपये की ब्राउन शुगर के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की अपील दिल्ली हाईकोर्ट से खारिज, बैंक फ्रॉड मामले में तीन साल की सजा बरकरार
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