इंदौर। प्रदीप चौधरी। शहर की चर्चित लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की डायमंड कॉलोनी भूमि विवाद में अब सिद्दीकी परिवार की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूरे मामले में नामांतरण, भूमि के स्वामित्व और बिक्री प्रक्रिया में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।शिकायत के अनुसार, वर्ष 1974 में हाजी एंड कंपनी ने ग्राम खजराना स्थित करीब 25.06 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। बाद में वर्ष 1994 में हाजी हबीब ने स्वास्थ्य कारणों से शेख इब्राहीम को उक्त भूमि के संबंध में पावर ऑफ अटॉर्नी प्रदान की। इसके आधार पर वर्ष 2003 में लगभग 5.261 एकड़ भूमि डायमंड गृह निर्माण सहकारी संस्था को विक्रय कर दी गई।वर्ष 2007 में थाना खजराना में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया कि पावर ऑफ अटॉर्नी फर्जी थी और उसी के आधार पर भूमि का विक्रय किया गया। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया और बाद में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसके बाद वर्ष 2012 में दीवानी प्रकरण दायर कर डायमंड गृह निर्माण संस्था की रजिस्ट्री और पावर ऑफ अटॉर्नी को शून्य घोषित कराया गया। वहीं आरोप यह भी लगाए गए हैं कि बाद के वर्षों में हाजी एंड कंपनी के वर्तमान प्रतिनिधियों ने विवादित भूमि संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी, जबकि उस समय भूमि से जुड़े आपराधिक और दीवानी मामले न्यायालय में लंबित थे।शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि 20 दिसंबर 2024 को सत्र न्यायालय ने आपराधिक मामले में आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया और अभियोजन पक्ष फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी का आरोप साबित नहीं कर सका। इसके आधार पर उनका कहना है कि पूरे प्रकरण में भूमि के स्वामित्व, नामांतरण, बिक्री और संबंधित पक्षों की भूमिका की पुनः विस्तृत जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलू अभी भी न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक जांच के दायरे में हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अली खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, तेहरान में शुरू हुए राजकीय अंतिम संस्कार समारोह सुप्रसिद्ध समाजसेवी धीरज यादव ने 10वीं बार किए बाबा बर्फानी के दर्शन