इंदौर। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जेम्स पाल ने भ्रष्टाचार के मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसकी जिम्मेदारी नेतृत्व स्तर तक तय की जानी चाहिए।जारी बयान में डॉ. पाल ने कहा कि जब किसी सरकारी कार्यालय, थाना, नगर निगम, तहसील या अन्य विभाग में रिश्वतखोरी का मामला सामने आता है तो कार्रवाई अक्सर केवल रंगे हाथों पकड़े गए कर्मचारी तक सीमित रह जाती है। उनका कहना है कि यदि कोई कर्मचारी लंबे समय तक भ्रष्टाचार करता रहा तो या तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी, जो प्रशासनिक विफलता है, अथवा जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई, जो संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करती है।उन्होंने कहा कि यदि किसी थाने में पुलिसकर्मी रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाता है तो संबंधित थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। इसी प्रकार नगर निगम या अन्य विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों में विभागाध्यक्ष और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।डॉ. पाल ने देश में “कमांड रिस्पॉन्सिबिलिटी” सिद्धांत लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत जहां भी भ्रष्टाचार का मामला सामने आए, वहां संबंधित विभागाध्यक्ष की स्वतः विभागीय जांच शुरू हो। गंभीर मामलों में प्रथम दृष्टया लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारी के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान किया जाए।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन अधिकारियों के कार्यकाल में बार-बार भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं, उनकी वार्षिक जवाबदेही का मूल्यांकन किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें संवेदनशील पदों से हटाया जाए।डॉ. पाल ने कहा कि जब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई होती रहेगी, तब तक भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाना कठिन होगा। व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष स्तर से जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन विकास कार्यों से बढ़ी ट्रैफिक की परेशानी, सड़कें और जाम बने चिंता का विषय: डॉ. जेम्स पाल सेफ क्लिक 2.0: बाजार, मंडी, स्कूल और फैक्ट्री तक पहुंचा साइबर सुरक्षा अभियान