मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति माधव जामदार ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल इसलिए किसी क्षेत्र से बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि वह केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ नारे लगा रहा है।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जामदार ने कहा कि विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई नागरिक “BJP मुर्दाबाद” या “अमित शाह मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाता है, तो केवल इसी आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों की जाए।न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मामलों पर यदि नागरिक विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और असहमति व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ज्योतिर्मा तमसोगमय सदो मा असतोगमय उमर खालिद मामले पर शशि थरूर का सवाल, कहा- बिना ट्रायल 6 साल जेल लोकतंत्र पर सवाल