भोपाल। प्रदीप चौधरी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिला मुख्यालयों पर प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी जनता के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही समारोह स्थलों पर विकास कार्यों और योजनाओं की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी, जिससे जनता को सरकार की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने इसे विकास कार्यों के सोशल ऑडिट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने जिला विकास समितियों की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इन समितियों का राजधानी भोपाल में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समितियां विकास गतिविधियों के लिए शासकीय नियोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें तथा निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास करें।मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा किफायती आवासों के निर्माण में ईको-फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार सभी सांख्यिकीय आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई।बैठक में जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विश्राम घाटों पर ही मृत्यु पंजीयन की सुविधा प्रारंभ करने की कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आसानी हो सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के विकास सूचकांक स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तय किए जाने चाहिए। औद्योगिक, कृषि एवं वन संपन्न जिलों के लिए अलग-अलग विकास मानक निर्धारित किए जाएं। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में मकान निर्माण के लिए तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा उपयुक्त निर्माण सामग्री के संबंध में लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत अब तक 1.37 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं, जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवांकुर समितियों ने जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु परिवारों के पंजीयन अभियान के तहत अब तक 25 हजार से अधिक परिवारों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नर्सों के सहारे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा, डॉक्टर गायब मरीज परेशान बीट पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाने पर जोर, लसुडिया थाना के बीट प्रभारियों की पुलिस कमिश्नर ने ली समीक्षा बैठक