सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रखी आधारशिला, 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी करायाभोपाल/इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्यप्रदेश को शुक्रवार को विकास की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क परियोजना सहित कुल 5657 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2 हजार 548 करोड़ रुपये से अधिक लागत के आवासों का भूमि-पूजन तथा 992 करोड़ रुपये से निर्मित 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी कराया गया। कार्यक्रम में 2 हजार 935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 48.10 किलोमीटर लंबी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क परियोजना का भूमि-पूजन किया गया। यह परियोजना इंदौर, उज्जैन और आसपास के दर्जनों गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी तथा क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक विकास को नई गति देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चंद्रावतीगंज से इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर केवल एक सड़क नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र की तरक्की का नया मार्ग बनेगा। इससे इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम विकास की नई रफ्तार से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़कर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में नक्सलवाद और आतंकवाद ने गहरी जड़ें जमाई थीं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इन चुनौतियों पर प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहां नक्सलवाद के प्रतीक ‘लाल सलाम’ को सबसे पहले ‘आखिरी सलाम’ दिया गया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना दोनों शहरों के बीच दूरी कम करने के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और अधोसंरचना विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र प्रदेश की प्रगति का नया केंद्र बनेगा।जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि 48.10 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को 816 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। यह सड़क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गुजरात तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी, जिससे व्यापार और उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर के साथ 6 जिलों के 2781 गांवों से होगा विकसित मध्यप्रदेश का सूर्योदय