भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा, आदतन अपराधियों की अलग होगी श्रेणीभोपाल। मध्यप्रदेश सरकार राज्य की जेलों में व्यवस्थाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए 58 साल पुराने जेल मैन्युअल में बड़े बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित नए नियमों के तहत कैदियों के वर्गीकरण से लेकर भोजन, स्वच्छता और जेल प्रबंधन तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे।नए प्रावधानों के अनुसार कैदियों को आदतन अपराधी और गैर-आदतन अपराधी दो श्रेणियों में बांटा जाएगा। जिन दोषियों को पांच वर्षों के भीतर दो या उससे अधिक बार सजा मिल चुकी होगी, उन्हें आदतन अपराधी माना जाएगा। हालांकि, जेल में बिताई गई अवधि को इस पांच वर्षीय गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।जेलों में भोजन व्यवस्था को लेकर भी नए नियम प्रस्तावित किए गए हैं। यदि कोई बंदी भोजन को लेकर भेदभावपूर्ण आपत्ति जताता है, तो उसे सभी कैदियों के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं भोजन तैयार करने का कार्य केवल स्वस्थ और गैर-आदतन सजा प्राप्त बंदियों को ही दिया जाएगा।स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। प्रत्येक जेल सेल में शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य होगी तथा हर पांच बंदियों पर एक टॉयलेट सीट उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग बंदियों के लिए वेस्टर्न सीट, पर्याप्त पानी, साबुन और अन्य स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।इसके अलावा रोटी बनाने, कपड़े धोने और सफाई व्यवस्था को लेकर पहली बार विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की जाएगी, ताकि जेलों में कार्यों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो सके।सरकार का कहना है कि इन बदलावों से जेलों में स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा बंदियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकेगा। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मीनाक्षी नटराजन ने उठाए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल, बोलीं- ‘चुनाव आयोग ने 48 घंटे तक जवाब नहीं दिया’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की मुलाकात