भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण पहल ‘शौर्या दल’ की निरंतरता को मंजूरी दे दी गई है। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी।महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल वर्ष 2013 में प्रदेश के छह जिलों से शुरू हुई थी, जो अब पूरे मध्यप्रदेश में महिला जागरूकता और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत नेटवर्क बन चुकी है। वर्तमान में शौर्या दल से 22.52 लाख से अधिक महिलाएं और किशोरियां जुड़ी हुई हैं।शौर्या दल की सदस्य महिलाएं घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानव तस्करी, महिला उत्पीड़न और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के साथ-साथ समय रहते हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं और युवतियां शामिल हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक बन रही हैं।प्रदेशभर में 7.64 लाख से अधिक छात्राएं और 14.88 लाख गृहणियां व अनुभवी महिलाएं इस अभियान से जुड़ी हैं। यह समूह महिलाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है।राज्य सरकार का मानना है कि शौर्या दल ने महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूत किया है और समाज में जागरूकता तथा सुरक्षा का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।सरकार के अनुसार, यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामुदायिक स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप का माध्यम भी बन रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राज्यसभा नामांकन पर भाजपा की आपत्ति, मीनाक्षी नटराजन के शपथपत्र की जांच की मांग मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा किसान मोर्चा आयोजित करेगा प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं