जो डर गया समझो मर गया,तिनका-तिनका टूटकर बिखर गया,इच्छा शक्ति हारी खड़ी की बीमारी,आघात ऐसा जीवन “आनंद” लूट गया ।अरे अरे अरे ! तुमसे ना हो पाएगा,डर कठपुतली सा नाच नचाएंगा,जिंदगी की हर संभव खुशी छीन,रोज मौत के करीब लेता जाएगा ।जितना डरोगें दुनिया डराती जाएगीं,नींद चैन सारा पल में छीन ले जाएगीं,बिना खुद जले होए ना उजाला,तकदीर खुद के हाथों ही संवर पाएगीं ।इस डर को डरा कर आगे बढ़ना है,जो नहीं हो सकता वही तो करना है, मगरूर दुनिया करती रहे छींटाकशी, जीवन आनंद में फर्क नहीं पड़ना है ।याद रखना डर के आगे जीत है,बेशकीमती जिंदगी का यही गीत है,बनकर आनंद आनंद लूटाते चलो,कर्मों पर निर्भर जीवन संगीत है ।– मोनिका डागा “आनंद”, चेन्नई आपके स्नेह और प्यार का धन्यवाद रचना स्वरचित और सर्वाधिकार सुरक्षित( संदर्भ – मशहूर बॉलीवुड डायलॉगस पर कविता एक कोशिश) Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में हार्टफुलनेस ध्यान सत्र आयोजित “कॉकरोच जनता पार्टी” पर गरमाई सियासत, उमंग सिंघार बोले- यह युवाओं के गुस्से की आवाज