नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश एक बार फिर उस दर्दनाक घटना को याद कर रहा है, जिसने करीब 50 परिवारों की जिंदगी बदल दी। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।जांच में सामने आया है कि हमले से एक रात पहले दो स्थानीय लोगों ने तीन आतंकियों को अपने घर में पनाह दी थी। आरोप है कि उन्होंने आतंकियों को खाना खिलाया और उनकी मदद भी की। इतना ही नहीं, इसके बदले उन्होंने करीब 3000 रुपये भी लिए। बताया जा रहा है कि इन लोगों को अंदेशा था कि बड़ा हमला हो सकता है, फिर भी उन्होंने पुलिस या प्रशासन को कोई सूचना नहीं दी।आतंकी करीब पांच घंटे तक उनके घर में रुके थे और बाद में बैसरन घाटी की ओर चले गए, जहां उन्होंने अगले दिन इस वारदात को अंजाम दिया। अगर समय रहते सूचना दी जाती, तो इस हमले को रोका जा सकता था।इस घटना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। वहीं, एक साल बाद भी इस हमले की यादें लोगों के दिलों में ताजा हैं।हालांकि, आतंक के इस साए के बावजूद पहलगाम में एक बार फिर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है, जो यह दिखाता है कि देश के लोग डरने वाले नहीं हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन केदारनाथ धाम के कपाट खुले, जयकारों से गूंजा पूरा धाम बेंगलुरु का वन8 कम्यून रेस्टोरेंट बंद, 2 करोड़ के कर्ज पर कोर्ट का सख्त आदेश