20 अप्रैल को संभागायुक्त कार्यालय पर मानव श्रृंखलाइंदौर। नगर निगम के बजट सत्र के दौरान वंदे मातरम को लेकर दो दो कांग्रेस पार्षदों को परिषद की बैठक से निकल जाना और बाद में वंदे मातरम गान को लेकर भाजपा और कांग्रेस में आरोप प्रत्यारोप के दौर को समाजवादी पार्टी ने दोनों दलों की नूरा कुश्ती निरूपित करते हुए कहा कि भागीरथपुरा में हुई दूषित पेयजल से 36 मोतों, शहर में प्रदाय हो रहा दूषित पानी, जमीन में ड्रेनेज के पानी के रिसने से बोरिंग सहित कई भूमिगत जल स्तोत्र का दूषित होना, शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था और नगर निगम में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के विषयों पर चर्चा से बचने के लिए दोनों दलों ने वंदे मातरम को मुद्दा बनाया है ।समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश के महासचिव रामस्वरूप मंत्री ने आज जारी बयान में कहा है कि नगर निगम के बजट सत्र में शहर के आम जनता के सवालों पर चर्चा होना थी ,लेकिन महापौर सहित कांग्रेस और भाजपा के तमाम नेताओं ने मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए वंदे मातरम का राग छेड़ दिया। दोनों कांग्रेस पार्षदों को सदन से बाहर किया जाना भी आपत्तिजनक है। श्री मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैवहीं संसद में भी प्रस्ताव पास किए हैं। जिसके तहत कोई भी गीत गाया जाने के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता और ना ही यह देश का अपमान है । आपने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत हर व्यक्ति स्वतंत्र है और संविधान के मुताबिक ही उसे कोई भी किसी भी तरह से मजबूर नहीं कर सकता है जहां तक कांग्रेस पार्षदों का सवाल है उन्होंने केवल वंदे मातरम गान ही नहीं गाया है और इसे अपने धर्म के खिलाफ बताते हुए कहा है कि इस्लाम खुदा के अलावा किसी की वंदना की इजाजत नहीं देता। इसी के तहत फोजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम का गान नहीं किया है। संवैधानिक स्थिति में भी लोगों को धर्म के निर्देश का पालन करने की स्वतंत्रता है और दोनों पार्षदों ने वही किया है। यदि कांग्रेस और भाजपा दोनों में थोड़ी भी शहर के प्रति चिंता है तो उन्हें फिजूल के मुद्दे उठाने के बजाय शहर के वास्तविक मुद्दों पर बहस करना चाहिए और आम जनता की समस्या को हल करना चाहिए । 20 अप्रैल को मानव श्रृंखलाइस मुद्दे को लेकर और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं की बैठक हुई। जिसमें तय किया गया है कि शहर में वंदे मातरम का मुद्दा फिजूल उठाकर कांग्रेस और भाजपा शहर के मुद्दों को अनदेखा करना चाहती है। इसके खिलाफ जन जागरण के लिए 20 अप्रैल को संभाग आयुक्त कार्यालय के बाहर तीनों दलों के कार्यकर्ता मानव श्रृंखला बनाएंगे और ज्ञापन देंगे। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जीआरपी थाना में लावारिस वाहनों की नीलामी 18 अप्रैल को आधी रात लागू हुआ महिला आरक्षण कानून, संसद में ‘महा-बहस’ के बाद ऐतिहासिक फैसला