इंदौर, 12 अप्रैल 2026।निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म की खरीद में अभिभावकों पर थोपे जा रहे एकाधिकार पर अब जिला प्रशासन ने सख्त शिकंजा कस दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अभिभावक को एक ही दुकान या विक्रेता से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा।जारी आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों को प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम से पहले अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना और स्कूल परिसर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही स्कूल प्रबंधन को कम से कम तीन अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी भी पहले से उपलब्ध करानी होगी, ताकि अभिभावकों के पास विकल्प मौजूद रहें।प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि केवल संबंधित शिक्षा बोर्ड और अधिकृत संस्थाओं जैसे एनसीईआरटी या राज्य पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा निर्धारित किताबें ही पढ़ाई में शामिल की जाएंगी। निजी प्रकाशकों की अनावश्यक किताबें थोपने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही अभिभावकों को 15 जून तक पुस्तकों की खरीद की छूट दी गई है, ताकि उन्हें जल्दबाजी में अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।यूनिफॉर्म को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब कोई भी स्कूल दो से अधिक प्रकार की यूनिफॉर्म निर्धारित नहीं कर सकेगा और उसमें कम से कम तीन वर्षों तक बदलाव नहीं किया जाएगा। वहीं कॉपियों पर गुणवत्ता, पृष्ठ संख्या और मूल्य जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा।स्कूल परिसरों में किताब विक्रेताओं और प्रकाशकों के प्रचार-प्रसार पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे अभिभावकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाईआदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।11 जून तक लागू रहेगा आदेशयह आदेश 12 अप्रैल से 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि हर अभिभावक और विद्यार्थी तक इसकी जानकारी पहुंच सके। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading... Related पोस्ट नेविगेशन देश–दुनिया की बड़ी हेडलाइन खबरें सत्य को बयां करने के रास्ते की मुश्किलें : समाज को रोशनी की सख्त जरूरत है!