मनाली/लाहौल-स्पीति (17 मार्च 2026) : हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में अचानक हुई भारी बर्फबारी ने पर्यटकों की छुट्टियों को मुसीबत में तब्दील कर दिया। देशभर से हजारों सैलानी बर्फ के नजारे देखने पहुंचे थे, लेकिन रविवार रात अटल टनल (रोहतांग) के पास वे फंस गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अटल टनल के दक्षिणी पोर्टल के आसपास करीब 1,000 से 1,500 वाहन बर्फ में अटक गए, जिससे पर्यटकों को भीषण ठंड में पूरी रात अपनी गाड़ियों में गुजारनी पड़ी। कई पर्यटकों ने 15 से 20 घंटे तक जाम में फंसे रहने की शिकायत की, जिसमें ऑक्सीजन की कमी और खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मनाली पुलिस, BRO (Border Roads Organisation) और जिला प्रशासन की टीमों ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सोमवार सुबह तक अधिकांश वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि कुछ पर्यटक अभी भी लाहौल घाटी के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए हैं। लाहौल-स्पीति के डिप्टी कमिश्नर किरण भदाना ने बताया कि लाहौल-स्पीति में कोई पर्यटक फंसा नहीं है, लेकिन सड़क हालात को देखते हुए आने वाले सैलानियों को वापस मोड़ा जा रहा है। ट्रैफिक धीमी गति से चल रहा है। इसके अलावा, कुल्लू जिले के जलोरी दर्रे में करीब 40-50 पर्यटक बर्फबारी के कारण फंस गए थे, जिन्हें भी पुलिस ने सुरक्षित निकाला। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा। 18 से 20 मार्च तक अच्छी बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि 21 मार्च को हल्की बर्फबारी हो सकती है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, क्योंकि कई रास्ते बंद हैं या प्रतिबंधों के साथ खुले हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हिमालयी क्षेत्रों में मार्च में भी अचानक मौसम बदलाव खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन ने राहत सामग्री पहुंचाने और पर्यटकों की मदद के लिए विशेष व्यवस्था की है। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन यूएससीआईआरएफ ने ट्रंप प्रशासन से भारत को ‘विशेष चिंता वाला देश’ घोषित करने और RSS पर प्रतिबंध/सैंक्शंस की सिफारिश की गुजरात दंगों की आग में सब कुछ खो दिया, फिर भी नसीब शेख ने सैकड़ों महिलाओं को नई जिंदगी दी