BREAKING NEWS ढाका/नई दिल्ली: ईरान-इज़राइल संघर्ष और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने से बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की गंभीर कमी पैदा हो गई है। पैनिक खरीदारी, ईंधन राशनिंग और स्कूल-कारखानों में बंदी जैसी स्थिति के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए आगे बढ़कर बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसी) के अधिकारियों के अनुसार, भारत से अप्रैल तक कुल 45,000 टन अतिरिक्त डीजल का आयात किया जाएगा। इसमें से पहले चरण में 5,000 टन डीजल की खेप पहले ही भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के माध्यम से पहुंच चुकी है। अगली खेप मार्च के मध्य तक पहुंचने की उम्मीद है। यह आपूर्ति भारत के नुमालीगढ़ रिफाइनरी (असम) से की जा रही है। दोनों देशों के बीच 2017 के समझौते के तहत भारत प्रतिवर्ष 1,80,000 टन डीजल की आपूर्ति करता है, लेकिन वर्तमान संकट में बांग्लादेश ने अतिरिक्त मात्रा की मांग की है। ईद जैसे त्योहारों से पहले ईंधन की मांग बढ़ने और क्षेत्रीय अनिश्चितता के कारण यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान युद्ध के प्रभाव से होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल परिवहन प्रभावित होने से कई देशों में ईंधन संकट गहराया है। बांग्लादेश ने मलेशिया, सिंगापुर और चीन से भी डीजल आयात की व्यवस्था की है, लेकिन भारत की पाइपलाइन आपूर्ति सबसे तेज और विश्वसनीय साबित हो रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत पड़ोसियों की ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देता है, हालांकि घरेलू मांग को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाते हैं। यह कदम भारत-बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने वाला माना जा रहा है, खासकर फ्रेंडशिप पाइपलाइन के 2023 में उद्घाटन के बाद। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन गुजरात दंगों की आग में सब कुछ खो दिया, फिर भी नसीब शेख ने सैकड़ों महिलाओं को नई जिंदगी दी दहेज की आग में जलती बेटी, माँ का 34 साल का अटूट संघर्ष