भोपाल, प्रदीप चौधरी। 15 मार्च 2026 — शहर में चल रहे एलपीजी गैस संकट के बीच भोपाल कलेक्टर द्वारा जारी विशेष आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कलेक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि रविवार को भी सभी गैस एजेंसियां खुली रहेंगी ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को सिलेंडर की होम डिलीवरी और काउंटर से बिक्री सुचारू रूप से हो सके। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है—आज रविवार को भी शहर की अधिकांश इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस एजेंसियां बंद पाई गईं, जिन पर ताले लटके नजर आए। एलपीजी की बढ़ती कमी और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं (जैसे इजरायल-ईरान तनाव) के असर से घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने रविवार को एजेंसियां खोलने का आदेश दिया था। कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए थे कि होम डिलीवरी और काउंटर बिक्री दोनों सुनिश्चित की जाएं। फिर भी, उपभोक्ता निराश हैं। डीआईजी बंगला के पास इंडेन गैस एजेंसी का वीडियो वायरलसोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डीआईजी बंगला के निकट स्थित इंडेन गैस एजेंसी पूरी तरह बंद दिख रही है, जहां ताला लटका हुआ है। यह एजेंसी आमतौर पर व्यस्त रहती है, लेकिन आज यहां कोई गतिविधि नहीं दिखी। इसी तरह अन्य इलाकों में भी एजेंसियां बंद मिलीं, जिससे लोगों को सिलेंडर के लिए परेशानी हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि वे लंबी दूरी तय कर एजेंसी पहुंचे, लेकिन निराश लौटना पड़ा। प्रशासन की ओर से पहले ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए थे, जिसमें घरेलू गैस केवल घरेलू उपयोग के लिए देने और कमर्शियल सप्लाई पर रोक लगाई गई है। कलेक्टर ने जांच दल भी गठित किए हैं, लेकिन रविवार को आदेश की अनदेखी से सवाल उठ रहे हैं कि क्या एजेंसी संचालक जानबूझकर बंद रह रहे हैं या कोई अन्य वजह है? उपभोक्ताओं की मांग है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे और एजेंसियों को आदेश का पालन करवाए, ताकि आम आदमी की रसोई न रुके। स्थिति को लेकर जिला प्रशासन से स्पष्टीकरण की उम्मीद है। View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्य प्रदेश में IAS अफसरों की संपत्ति का खुलासा: मनु श्रीवास्तव सबसे अमीर, मुख्य सचिव से 4.7 गुना ज्यादा प्रॉपर्टी; 12 कलेक्टरों के पास न घर न जमीन भारतीय नाविकों की सुरक्षा अब भारत की शीर्ष रणनीतिक प्राथमिकता क्यों होनी चाहिए?