नेता प्रतिपक्ष ने अफसरशाही पर सवाल उठाए, कहा- जनप्रतिनिधियों से बिना चर्चा शहर पर थोपी गई मेट्रो; विधानसभा में सियासी तल्खी बढ़ीभोपाल, प्रदीप चौधरी। — मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में इंदौर-भोपाल मेट्रो परियोजना को लेकर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान ने राजनीतिक घमासान मचा दिया है। मंत्री विजयवर्गीय ने सदन में कहा कि “अधिकारियों ने बैठकर मेट्रो की प्लानिंग कर ली, जनप्रतिनिधियों से चर्चा ही नहीं की और एकदम शहर पर थोप दिया।”इस बयान पर तीखा हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री को घेरते हुए कहा, “मंत्री जी को अब पहलवानी छोड़नी चाहिए। मेट्रो जैसी बड़ी परियोजना को बिना जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की राय के थोपना लोकतंत्र के खिलाफ है। इंदौर और भोपाल की जनता की आवाज़ दब नहीं सकती।” मीडिया बाइट: उमंग सिंघार, नेता प्रतिपक्ष (कैलाश विजयवर्गीय के मेट्रो थोपने के बयान पर) “मंत्री कैलाश जी उम्रदराज हैं, उन्हें अब पहलवानी नहीं करनी चाहिए। मेट्रो परियोजना में जनता और जनप्रतिनिधियों से चर्चा के बिना थोपना गलत है। सरकार को जवाबदेही दिखानी होगी।”नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे को और गहरा करते हुए मंत्री के बयान पर 7 सीधे सवाल सदन और मीडिया के सामने रखे:1. क्या अधिकारी नेता पर हावी हैं? 2. क्या नेता अब इतने काबिल नहीं रहे कि अफसर उनकी सुनते ही नहीं? 3. क्या मेट्रो बिना नेताओं की सहमति के लाई जा सकती है? 4. क्या अफसरशाही बेलगाम हो चुकी है? 5. क्या नेताजी अपनी गलतियों को छिपाने के लिए अफसरों की ओट ले रहे हैं? 6. क्या मेट्रो की बंदूक दूसरे कंधे पर रखकर चलाई गई? 7. क्या हर बार अधिकारी को ही मुर्गा बनाकर हलाल कर दिया जाता है?उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजना में पारदर्शिता की कमी है और यह अफसरशाही का खेल लगता है, जबकि जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया गया। कांग्रेस ने सदन में मेट्रो रूट, लागत और योजना की समीक्षा की मांग की है।वहीं, सरकार के पक्ष से कहा जा रहा है कि मेट्रो विकास की आवश्यकता है और योजना विभागीय स्तर पर तैयार की गई है। मंत्री विजयवर्गीय के बयान को कुछ लोग अफसरों पर निशाना मान रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे सरकार की कमजोरी बताकर घेर रहा है।यह विवाद विधानसभा में नगरीय विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चल रही बहस के बीच उभरा है। कांग्रेस ने प्रदेशभर में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। आगे की बहस और आधिकारिक स्पष्टीकरण से स्थिति और स्पष्ट होगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन फलाहारी महाराज का विवादित ऐलान: आशुतोष ब्रह्मचारी की ‘नाक काटने’ वाले को 21 लाख का इनाम इंदौर में क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: हैंड बैग में छिपाकर रखे 34.6 ग्राम ‘एमडी’ ड्रग्स के साथ मुंबई की महिला गिरफ्तार