यूजीसी के सर्मथन में ओबीसी, एससी/एसटी संयुक्त मोर्चा का कई घंटे कलेक्ट्रेट के सामने चलता रहा महाआंदोलन। करीब साढ़े 3 घंटे कलेक्टर रीवा का ज्ञापन के लिए संयुक्त मोर्चा के लोग करते रहे इंतज़ार, नही आई कलेक्टर रीवा। आवागमन अवरुद्ध होने से आम जनता रही परेशान। हजारों की संख्या में लोगो ने यूजीसी लागू करने की उठाई मांग। रीवा । ओबीसी, एससी/एसटी संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में यूजीसी नया कानून 2026 के समर्थन एवं सामाजिक न्याय से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर विवेकानंद पार्क से कलेक्ट्रेट रीवा तक विशाल रैली निकाल कर रीवा कलेक्टर को ज्ञापन सौपना था संयुक्त मोर्चा के द्वारा कलेक्टर रीवा प्रतिभा पाल को मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधाननंत्री राज्यपाल के नाम से ज्ञापन देंना चाह रहे थे लेकिन रीवा कलेक्टर ज्ञापन लेने नही आई, जिस पर संयुक्त मोर्चा के लोग अपनी जिद पर अड़े रहे कि जब तक कलेक्टर रीवा ज्ञापन लेने नही आएंगी,तब तक किसी को ज्ञापन नही देगे। अंत मे संयुक्त मोर्चा के लोगो ने कुत्ते को ज्ञापन बांध कर छोड़ दिये जो प्रशासनिक अमले के लिए एक काला दिन के रूप में याद किया जाएगा।जिस कलेक्टर को पूरे जिले की समानता के साथ न्याय करने के लिए पदस्थ किया गया था उनका इस तरह का रवैया जनता के हित में नही है ऐसा उनके बर्ताब ने साबित किया है। जबकि पूर्व में विधिवत सूचना दी गयी और अनुमति ली गयी थी। इस दौरान साढ़े 3 घंटे तक महाआंदोलन चलता रहा, लोग सड़कों पर कई घंटों तक लेटे रहे, कुछ लोग बैठे रहे, लेकिन कलेक्टर रीवा नही पहुची।कलेक्टर रीवा के हठधर्मिता के बजह से सड़क जाम हो गयी, आवागमन अबरुद्ध रहा, लोग कई घंटे तक जाम में फसे रहे, कई लोगो की बस और ट्रेन छूट गयी। आखिर इन सब का जिम्मेदार कौन? जहा पर हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने यूजीसी 2026 लागू करने की मांग करते रहे, इसके साथ ही मध्य प्रदेश में ओबीसी के 13% होल्ड को बहाल करने, देश की जातिगत जनगणना में ओबीसी का कॉलम जोड़ा जाए, 22 लाख पदों को शीघ्र भरने करने, निजी संस्थानों में जनसंख्या के अनुपात में सभी वर्गों को आरक्षण लागू करने, केंद्र सरकार के लैटरल एंट्री प्रक्रिया समाप्त करने, एससी/एसटी को पदोन्नति के आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, किसानों को सभी फसलों पर एसपी की कानूनी गारंटी तथा पूंजीपतियों द्वारा अवैध रूप से की जा रही वनों की कटाई पर रोक लगाने की की मांग की गयी है।आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से किया गया।वही पूरे आंदोलन में किसान नेता व पिछड़ावर्ग कांग्रेस राष्ट्रीय समन्वयक कुँवर सिंह पटेल सहित कई लोग आंदोलनकारियो के लिए ढाल बन कर खड़े रहे। उस दौरान मुख्य रूप से पूर्व विधायिका श्रीमती विद्यावती पटेल, किसान नेता शिव सिंह, किसान नेता कुँवर सिंह पटेल, बसपा नेता अभिषेक पटेल, आप नेता इंजीनियर दीपक सिंह, छोटेलाल रजक, ओबीसी दिनेश पटेल, अशोक पटेल बबलू, कुशवाहा,दिनेश डायमंड, वविता साकेत, अनीता सुमन, धीरेंद्र पटेल, सज्जन सिंह, सत्येंद्र सिंह गुड्डा,राहुल वर्मा,रामचंद्र यादव, अमरनाथ पटेल,पप्पू कन्नौजिया राकेश यादव ओबीसी महासभा प्रदेश सचिव, धर्मेंद्र सिंह पटेल कन्त्रिकारी युवा परिषद, आजाद समाज वादी पार्टी जिलाध्यक्ष दिनेश सतनामी, एडवोकेट रामानुज सोधिया, एडवोकेट मनोज सिद्धार्थ, केशव वर्मा,कुंजीलाल सेन, विवेक चमकेल, दिलीप भारती, एडवोकेट मनोज सिद्धार्थ, विश्वनाथ चोटीवाला,सुग्रीव सिंह, महेश अंबेडकर,उमाशंकर बौद्ध, प्रभात कुशवाहा,एडवोकेट व आप नेता भक्तराज सिंह सहित हजारों लोग मौजूद रहे।, View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो, भरे ट्रैफिक में दो महिलाओं ने स्ट्रेचर पर मरीज को धकेला राजनैतिक व्यंग्य-समागम