वाशिंगटन। अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मौत के छह साल बाद उससे जुड़े नए दस्तावेजों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इन दस्तावेजों से न सिर्फ उसके संपर्कों का दायरा सामने आया है, बल्कि उसके बेहद खतरनाक और चौंकाने वाले इरादों का भी खुलासा हुआ है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन (Jeffrey epstein) अपने बच्चों की एक पूरी “फौज” खड़ी करना चाहता था और इसके लिए वह महिलाओं को अपने स्पर्म से गर्भधारण कराने की योजना बना रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि एपस्टीन एक ऐसा केंद्र बनाना चाहता था, जहां महिलाओं को उसके डीएनए से गर्भवती किया जाए। हालांकि, इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं कि उसने इस योजना को अमल में लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाया था या नहीं।हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों से यह सामने आया है कि एपस्टीन किस तरह की विकृत और फंतासी से भरी दुनिया में जी रहा था। दस्तावेज बताते हैं कि उसकी पहुंच कई देशों की सत्ता और प्रभावशाली हलकों तक थी। 2019 में गिरफ्तारी के बाद एपस्टीन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया था, लेकिन वह उन्हें पूरी तरह खारिज नहीं कर पाया।जेफ्री एपस्टीन खुद को एक असाधारण बुद्धिमान और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश करने में लगा रहता था। इसके लिए वह बड़े पैमाने पर डोनेशन, स्पॉन्सरशिप और हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन करता था। उसकी पार्टियों में दुनिया भर के नामी-गिरामी लोग शामिल होते थे। वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर तक उसकी पहुंच बताई जाती है। वह कॉन्फ्रेंस, प्राइवेट डिनर और रिसर्च प्रोग्राम्स को फंड करता था, ताकि खुद को वैज्ञानिक प्रगति का समर्थक साबित कर सके। हालांकि, कई शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही उसने कुछ लोगों की मदद की हो, लेकिन उसके अपराधों और कारनामों के सामने यह मदद बहुत छोटी नजर आती है।नासा में वैज्ञानिक के तौर पर काम कर चुकी एक महिला ने बताया कि एपस्टीन चाहता था कि एक साथ 20 महिलाओं को गर्भवती किया जाए। उसने एक नोबेल विजेता के बंद हो चुके स्पर्म बैंक की तर्ज पर अपना निजी स्पर्म बैंक बनाने की भी कोशिश की थी। एपस्टीन का दावा था कि उसके जीन्स से पैदा होने वाले बच्चे असाधारण प्रतिभाशाली होंगे और मानवता को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।एपस्टीन कई बार यह कह चुका था कि उसकी मौत के बाद उसके शरीर को सुरक्षित रखा जाए। इसके लिए वह क्रायोनिक्स तकनीक का सहारा लेना चाहता था, जिसमें शव को बेहद कम तापमान पर संरक्षित किया जाता है। उसका इरादा था कि उसके शरीर के हिस्से भविष्य के लिए सुरक्षित रहें। दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि एपस्टीन विभिन्न बहानों से नाबालिग लड़कियों को अपने ठिकानों पर बुलाता था, जहां उनका यौन शोषण किया जाता था।अब तक सार्वजनिक किए गए कई दस्तावेजों में नाम, पते, ई-मेल और तस्वीरों को काली पट्टियों से ढक दिया गया है। कुछ मामलों में संपादन के कारण स्पष्ट हैं, लेकिन कई जगह वजह साफ न होने से विवाद और अटकलें और बढ़ गई हैं। अमेरिका में सरकारी पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से कानून मौजूद हैं। वाटरगेट कांड के बाद जनता का भरोसा बहाल करने के लिए 1966 का सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम (FOIA), 1996 का इलेक्ट्रॉनिक एफओआईए संशोधन और 2016 का एफओआईए सुधार अधिनियम जैसे कानून लागू किए गए थे। एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का सार्वजनिक होना इन्हीं प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन India-US Trade Deal में बड़ा बदलाव: $500 अरब खरीद ‘प्रतिबद्धता’ से बनी ‘इरादा’, भारत के लिए दोहरी खुशखबरी दाने-दाने में केसर के दम पर फंसी बॉलीवुड की चौकड़ी! 10 के विमल में 4 लाख का केसर कैसे?राज्य उपभोक्ता आयोग ने अजय, शाहरुख, अक्षय और टाइगर को किया तलब