नीमच, 11 फरवरी 2026 — मध्य प्रदेश के नीमच जिले में कनावटी पुलिस लाइन में तैनात 50 वर्षीय हेड कांस्टेबल होशियार सिंह ने रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने चार पन्नों (कुछ रिपोर्ट्स में तीन पेज) का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें पुलिस विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया है। नोट में आरोप लगाया गया है कि पोस्टिंग, ड्यूटी, थाना, पीसीआर, जिम, खेलकूद समेत हर चीज पैसों पर बिकती है। ईमानदार कर्मचारियों को मानसिक रूप से तोड़ा जाता है और दबाया जाता है। होशियार सिंह ने नोट में सीनियर अधिकारियों के नाम लेकर उन पर अवैध वसूली, प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी सहित उच्च अधिकारियों को संबोधित करते हुए लिखा कि “पुलिस को इतना मत बेचो कि ईमानदार आदमी नौकरी ही न कर पाए।” उन्होंने दावा किया कि जो पैसा देता है, उसे “अच्छा सिपाही” माना जाता है, जबकि ईमानदार रहने वाले को दबाया और खामोश कर दिया जाता है। परिवार का आरोप है कि यह सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि भ्रष्ट तंत्र द्वारा की गई संस्थागत हत्या है। होशियार सिंह की बेटी ने बताया कि पिता को जबरन प्रेशर में रखा गया, कई ऑपरेशनों के बावजूद भारी ड्यूटी दी गई और छुट्टी बढ़ाने पर भी परेशान किया गया। CM से अपील और जनता की मांगें सोशल मीडिया पर इस मामले ने तीखी बहस छेड़ दी है। एक व्यापक अपील में कहा गया है: “नीमच में वर्दी ने नहीं, भ्रष्टाचार ने एक पुलिसकर्मी को मार डाला। जब एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं, जब शिकायत करने पर भी न्याय नहीं मिलता, तो आम जनता की सुरक्षा सिर्फ झूठा नारा है।” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पुलिस मुख्यालय से की गई मांगें इस प्रकार हैं: पूरे मामले की स्वतंत्र SIT जांच हो। सुसाइड नोट में नामजद सभी अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने (BNS धारा 108) का मुकदमा दर्ज हो। जांच पूरी होने तक सभी आरोपी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। पीड़ित परिवार को उचित न्याय, मुआवजा और सुरक्षा दी जाए। अपील में चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार और पुलिस मुख्यालय अब भी चुप रहे, तो यह चुप्पी अपराध में साझेदारी मानी जाएगी। अंत में सवाल उठाया गया है — “क्या वर्दी अब सिर्फ भ्रष्टों की ढाल बन चुकी है?” पुलिस का पक्ष नीमच के एसपी अंकित जायसवाल ने कहा कि सुसाइड नोट की सामग्री की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस में सुधार और ईमानदार कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। अगर आरोप सही साबित हुए तो यह विभागीय भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बन सकता है। जनसम्पर्क मध्य प्रदेश और कलेक्टर कार्यालय नीमच सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। यह बेहद संवेदनशील मामला है। आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ड्रग माफिया को झटका, आमजन की सुनवाई: कडराना-चंदेरी में MD फैक्ट्री छापे में दो गिरफ्तार, पुलिस कमिश्नर ने 77 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा बड़नगर में लोहे का खटकेदार धारदार चाकू लहराते आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज