केंद्रीय बजट 2026-27: भाजपा ने सराहा, विपक्ष ने ‘धोखा’ और ‘पीड़ादायक’ बताया भोपाल/प्रदीप चौधरी। , 1 फरवरी 2026 — वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किए गए 2026-27 के केंद्रीय बजट पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं विभाजित हैं। भाजपा नेताओं ने इसे ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में ऐतिहासिक और जन-केंद्रित बताया, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इसे किसानों, युवाओं और व्यापारियों के साथ धोखा करार दिया। बजट पर सियासी बयानबाजी तेज – देवड़ा बोले ‘जनता का बजट’, पटेल ने कहा ‘धोखा’ मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट विकसित भारत 2047 का संकल्प पूरा करने वाला है। यह सबका साथ, सबका विकास की परिकल्पना को साकार करता है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं पर विशेष फोकस है। 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, गंभीर बीमारियों पर छूट जैसे प्रावधान सभी वर्गों को छूते हैं। यह जनता का बजट है, जनता के लिए है। विपक्ष का काम सिर्फ अनर्गल बातें करना है, उनके पास कुछ नहीं है।” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बजट को दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं पर विशेष ध्यान है, जो भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्य प्रदेश में बजट की मिश्रित प्रतिक्रियाएं – भाजपा उत्साहित, विपक्ष नाराज बजट पर सियासी बयानबाजी तेज – देवड़ा बोले ‘जनता का बजट’, पटेल ने कहा ‘धोखा’ वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता रमाकांत पटेल ने बजट को तीखे शब्दों में खारिज किया। उन्होंने कहा, “बजट पीड़ादायक है, सब बर्बाद करने वाला है। किसानों के साथ, युवाओं के साथ, व्यापारियों के साथ धोखा है।” कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने भी बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निराशाजनक करार दिया। (उनकी विस्तृत टिप्पणी में सामान्य रूप से विपक्षी दृष्टिकोण से इसे मध्यम वर्ग और आम लोगों के लिए अपर्याप्त बताया गया है, जैसा कि अन्य कांग्रेस नेताओं जैसे शशि थरूर ने ‘मिडिल क्लास के लिए कुछ नहीं’ कहा।) View this post on Instagram बजट में प्रमुख घोषणाओं में एंटी-कैंसर दवाओं पर छूट, एमएसएमई को बढ़ावा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस और 2047 तक विकसित भारत का रोडमैप शामिल है। विपक्ष ने इसे ‘दिशाहीन’ और ‘एंटी-पीपल’ बताया, जबकि सत्ताधारी दल इसे जनकल्याणकारी मान रहा है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सत्ता का “विकास मॉडल” या जनता का अपमान? – धक्के, सड़क पर प्रसव, पुल गिरावट… मध्य प्रदेश और बंगाल में हकीकत बेनकाब! इंदौर मैराथन में दिल दहला देने वाली घटना: फिनिश लाइन से महज 100 मीटर पहले युवक की मौत, हार्ट अटैक का संदेह