सत्ता का घमंड या जनता का अपमान? रायसेन में बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मंच से ग्रामीण को ठोकर मारी! रायसेन जिला। सत्ता के नशे में चूर नेताओं का असली चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया। गैरतगंज के पास जुझारपुर गांव पिछले 10 दिनों से अंधेरे में डूबा है। बिजली गुल, बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी में परेशान, रात में पढ़ाई का सवाल ही नहीं। View this post on Instagram फिर भी, जब कुछ ग्रामीण युवक और छात्र नगर परिषद के कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे और सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी व बीजेपी जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा से बस इतना कहा – “नेता जी, गांव में लाइट नहीं है, बच्चों की परीक्षा आने वाली है, मदद कर दो” – तो जवाब मिला धक्का! वीडियो वायरल है – राकेश शर्मा ने युवक को सरेआम मंच से धकेल दिया। विधायक महोदय ने तंज कसा – “तुम्हारे मां-बाप कहां हैं, उन्हें फिक्र नहीं?” अरे भाई, जनता के मां-बाप तो वोट देकर आपको कुर्सी पर बिठाते हैं, फिक्र आपकी होनी चाहिए! बाद में युवक को थाने में 4 घंटे बिठाकर पीटा भी गया, आरोप है। सत्ता का घमंड चरम पर है – समस्या सुनने की बजाय समस्या वाले को ही धक्का! विकास मॉडल यही है क्या? जहां बिजली नहीं, वहां इंसाफ भी अंधेरे में! विदिशा में “विकास मॉडल” की हकीकत – एयर एंबुलेंस हवा में, गर्भवती सड़क पर बच्ची को जन्म देती रही! विदिशा। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री का गढ़! पिछले 5 दशक से बीजेपी का किला। यहां “टॉर्च लाइट विकास” का असली नजारा देखिए। पठारी के छपारा गांव में एक गर्भवती महिला संध्या को रात में प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 108 और जननी एक्सप्रेस को बार-बार फोन किया – “एम्बुलेंस भेजो!” जवाब मिला – “थोड़ी देर में पहुंच रहे हैं।” 3-4 घंटे बीत गए, एम्बुलेंस नहीं आई। View this post on Instagram आखिरकार, कड़ाके की ठंड में सड़क किनारे तिरपाल डालकर, मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में गांव की चौकीदार और ग्रामीणों ने प्रसव कराया। बच्ची सड़क पर जन्मी, मां वहीं लेटी रही। नवजात की नाल जुड़ी, दर्द असहनीय – लेकिन एम्बुलेंस? वो तो “एयर एंबुलेंस” के सपनों में उड़ रही थी! सरकार प्रचार करती है – हवाई एंबुलेंस! लेकिन जमीन पर जनता भगवान भरोसे। जहां सड़क पर बच्चे जन्म ले रहे हैं, वहां “अमृत काल” का दावा? शर्म आनी चाहिए उनको जो 900 करोड़ की हवाई एंबुलेंस का ढोल पीटते हैं, लेकिन 3 किमी दूर अस्पताल तक गाड़ी नहीं पहुंचा पाते! पुल टूटा, भ्रष्टाचार का ढांचा उजड़ा! पश्चिम बंगाल में फिर वही कहानी – जनता की जान जोखिम में पश्चिम बंगाल। एक और पुल ढह गया। ट्रक गुजरते ही भरभराकर गिरा। कारण? सब जानते हैं – भारी भरकम भ्रष्टाचार! घटिया सामग्री, कट मनी, जीरो जवाबदेही। बीजेपी ने TMC पर निशाना साधा – “कट मनी कल्चर ने राज्य को बर्बाद कर दिया।” TMC का पलटवार – “पुराने पुल से कट मनी कैसे?” लेकिन सवाल जनता का है – पुल टूटते क्यों हैं बार-बार? क्योंकि विकास के नाम पर लूट मची है। चाहे ममता का राज हो या कोई और – पुल, सड़क, बिजली, एम्बुलेंस – सबमें एक ही बीमारी: भ्रष्टाचार। जनता की जान दांव पर, नेता कुर्सी बचाने में लगे। विकास का मॉडल यही है – पुल गिराओ, वादे बनाओ, वोट लूटो! View this post on Instagram View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ आरएसएस का दुष्प्रचार बजट 2026-27 पर सियासी तीर-कमान – भाजपा ने ‘विकसित भारत’ का संकल्प बताया, AAP-कांग्रेस ने ‘धोखा’ और ‘पीड़ादायक’ करार दिया