नई दिल्ली, 23 जनवरी 2026: केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। भारत के राजपत्र (गजट ऑफ इंडिया) में 22 जनवरी 2026 को प्रकाशित इस अधिसूचना के अनुसार, गणना अधिकारी घर-घर जाकर कुल 33 सवाल पूछेंगे। यह चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में अलग-अलग 30 दिनों की अवधि निर्धारित की जाएगी।यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से एकत्र किया जाएगा। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये सवाल मकान की संरचना, सुविधाओं, परिवार की स्थिति, संपत्ति और बुनियादी आवश्यकताओं पर केंद्रित हैं।पहले चरण में पूछे जाने वाले 33 प्रमुख सवाल (अधिसूचना के अनुसार):1. भवन संख्या (नगर/स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या) 2. जनगणना मकान संख्या 3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री 4. मकान के दीवार में प्रमुख सामग्री 5. मकान के छत में प्रमुख सामग्री 6. मकान का उपयोग 7. मकान की हालत 8. परिवार क्रमांक 9. परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या 10. परिवार के मुखिया का नाम 11. परिवार के मुखिया का लिंग 12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित है 13. मकान का स्वामित्व की स्थिति 14. परिवार के रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या 15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या 16. पेयजल का मुख्य स्रोत 17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता 18. प्रकाश का मुख्य स्रोत 19. शौचालय की उपलब्धता 20. शौचालय का प्रकार 21. अपशिष्ट पानी का निकास 22. स्नानघर की उपलब्धता 23. रसोईघर एवं एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता 24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन 25. रेडियो/ट्रांजिस्टर 26. टेलीविजन 27. इंटरनेट सुविधा 28. लैपटॉप/कंप्यूटर 29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन 30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड 31. कार/जीप/वैन 32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज 33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए)जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। **पहला चरण** (हाउस लिस्टिंग) 2026 में पूरा होगा, जबकि **दूसरा चरण** (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में होगा, जिसमें आबादी की गिनती के साथ जाति आधारित आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हो गई थी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यापक डेटा सरकारी नीतियों, विकास योजनाओं और सामाजिक-आर्थिक बदलावों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन गुजरात में सनसनीखेज मर्डर-सुसाइड मामला: कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे ने पत्नी को गोली मारी, फिर खुद की ली जान MP में पेंशन नियमों हो सकता है बड़ा बदलाव,अब अविवाहित-तलाकशुदा बेटियों को आजीवन मिलेगी पेंशन, एज लिमिट का बंधन खत्म