इंदौर, प्रदीप चौधरी। 4 जनवरी 2026। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में भागीरथपुरा इलाके की दूषित पेयजल त्रासदी ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। स्थानीय निवासियों और कुछ रिपोर्टों के अनुसार, दूषित पानी पीने से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, अंतिम यात्राएं निकल रही हैं और पूरा शहर इस मानव-त्रासदी से स्तब्ध है। सरकारी आंकड़ों में मौतों की संख्या अभी भी कम बताई जा रही है (कुछ रिपोर्टों में 4 से 10 तक), लेकिन प्रभावित परिवार और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि वास्तविक संख्या 16 तक पहुंच चुकी है। इस बीच, इसी संवेदनशील दौर में भाजपा के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 (इंदौर-3) के मीडिया प्रभारी के जन्मदिन को लेकर आयोजित उत्सव ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है।सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी के मुताबिक, जब पूरा शहर शोक में डूबा हुआ था और लोग अपने अपनों को खोने का दर्द झेल रहे थे, तब विधानसभा-3 के मीडिया प्रभारी ने अपने जन्मदिन को “धूमधाम” से मनाया। तस्वीरें और वीडियो में कथित तौर पर जश्न का माहौल दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है।शहरवासियों की प्रतिक्रियासामान्य जनता में इस घटना को लेकर भारी रोष है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा — – “जब 16 घरों में चिराग बुझ गए, तब जश्न मनाना कहां की संवेदनशीलता है?” – “प्रशासन और नेता जनता के दर्द को समझें, ये जश्न नहीं, शर्मिंदगी है।” – “स्वच्छ शहर का दावा, लेकिन पानी जहरीला और जश्न जारी — ये दोहरा चेहरा कब तक?” कई लोगों ने इसे “नैतिक दिवालियापन” करार दिया है। कुछ का कहना है कि ऐसे समय में जश्न मनाना न सिर्फ असंवेदनशीलता है, बल्कि पीड़ित परिवारों के साथ अन्याय भी है। राजनीतिक प्रतिक्रिया इस बीच, दूषित पानी कांड में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है। नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाकर क्षितिज सिंघल को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और 6 जनवरी को अगली तारीख तय हुई है। विपक्ष लगातार सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है।इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि क्या नेता और पदाधिकारी जनता के दर्द को महसूस करते हैं? या राजनीतिक उत्सव संवेदनाओं से ऊपर रखे जाते हैं? शहरवासी चाहते हैं कि ऐसी त्रासदियों में सभी स्तर पर संयम और संवेदनशीलता बरती जाए।इंदौर की जनता अब उम्मीद कर रही है कि इस संकट से सबक लेकर प्रशासन और राजनीतिक दल मिलकर शहर की जल व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के ठोस कदम उठाएंगे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नवागत आयुक्त क्षितिज सिंघल ने रात्रि में संभाला इंदौर नगर निगम की कमान, खजराना गणेश मंदिर में किया पूजन दूषित पानी कांड: कोलकाता से वैज्ञानिक टीम देर रात MY अस्पताल पहुंची, भागीरथपुरा में जुटाई जानकारी