भोपाल। राजस्व मामलों में न्यायिक आदेशों की अनदेखी को लेकर पन्ना कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार एक बार फिर विवादों में हैं। उच्च न्यायालय जबलपुर ने याचिका क्रमांक 025847/2025 में दिनांक 06/08/2025 के आदेश से तत्कालीन अपर आयुक्त एवं वर्तमान पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार पर 10,000 का जुर्माना 7 दिन के भीतर जमा करने तथा पीड़ित पक्ष को 10,000 की क्षतिपूर्ति स्वयं के खर्च से देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज दिनांक तक आदेश का पालन नहीं हुआ, जो न्यायालय की अवहेलना की गंभीर श्रेणी में आता है। यह पहला अवसर नहीं है। इससे पूर्व भी एक अन्य मामले में श्रीमती परमार पर 25,000 का जुर्माना लगाया जा चुका है। लगातार दंडात्मक आदेशों के बावजूद अनुपालन न होना प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।याचिका क्रमांक 21731/2023 में उच्च न्यायालय जबलपुर ने मुख्य सचिव, म.प्र. शासन को निर्देश दिए थे कि तत्कालीन अपर आयुक्त ऊषा परमार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय उन्हें मैदानी पोस्टिंग देते हुए पन्ना कलेक्टर बनाया गया, जिससे न्यायालय के आदेश की मंशा पर सवाल उठे। एक अन्य राजस्व प्रकरण में नोटशीट पर फ्लूड लगाकर आदेश पारित करने का आरोप लगा। पीड़ित की शिकायत पर लोकायुक्त भोपाल ने जांच कराई। तत्कालीन एसपी लोकायुक्त मनु व्यास की जांच में भ्रष्टाचार के तथ्य पाए जाने का दावा किया गया। इसके बाद तत्कालीन लोकायुक्त एन.के. गुप्ता ने शिकायत क्रमांक 568/2023 को दिनांक 26/10/2023 को पंजीबद्ध करने के आदेश दिए। जांच आज भी लंबित बताई जा रही है, इसके बावजूद उन्हें कलेक्टर पद पर बनाए रखने को लेकर विरोध तेज है।लगातार न्यायिक फटकार, दंड और लंबित जांचों के बीच कलेक्टर पद पर बने रहना प्रशासनिक संरक्षण के आरोपों को हवा दे रहा है। सवाल यह भी है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बाद भी अनुपालन क्यों नहीं हुआ और जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई ?मामले ने तूल पकड़ लिया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि आदेशों की अवहेलना पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई संभव है। अब देखना यह है कि शासन और प्रशासन न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मंत्री के पैर लगाते ही उखड़ गई नई सड़क, PWD की ‘लीपापोती’ उजागर उप सरपंच जसपाल सिंह ठाकुर ने ट्रैफिक प्रहरियों को किया सम्मानित