View this post on Instagram सतना। प्रदीप चौधरी। सरकारी निर्माण कार्यों में ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता करने का ताजा मामला सतना जिले की कोठी तहसील में सामने आया है। पोड़ी-मनकहरी मार्ग (लंबाई लगभग 3 किमी) के नवीनीकरण कार्य में इस्तेमाल की गई डामर की परत न तो तय मोटाई की थी और न ही गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती थी। रविवार को औचक निरीक्षण के दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने जैसे ही सड़क पर पैर से दबाव डाला या कुरेदा, डामर की परत उखड़ गई, जिससे विभागीय लापरवाही की पोल खुल गई। मंत्री प्रतिमा बागरी एक कार्यक्रम के सिलसिले में इस मार्ग से गुजर रही थीं। कार से उतरकर सड़क की गुणवत्ता जांचते हुए उन्होंने देखा कि नई बनी सड़क बेहद कमजोर है। पैर से हल्का सा दबाव पड़ते ही डामर की परत अलग हो गई। आक्रोशित मंत्री ने तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री बी.आर. सिंह को फोन किया और कड़ी फटकार लगाई। यंत्री ने मामले को हल्का करने की कोशिश करते हुए कहा कि “कुछ हिस्से रिजेक्ट किए गए हैं”, लेकिन मंत्री ने इसे स्वीकार नहीं किया और पूरी सड़क की घटिया गुणवत्ता पर सवाल उठाए।मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ठेका निरस्त करने के आदेश दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री की नाराजगी और सड़क की खराब स्थिति साफ दिख रही है।यह मामला एक बार फिर सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता से खिलवाड़ को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे निर्माण से न केवल सरकारी धन की बर्बादी होती है, बल्कि जनता को भी खतरा बना रहता है। मंत्री के त्वरित एक्शन से विभाग में हड़कंप मच गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं।(यह घटना 21 दिसंबर 2025 की है और विभागीय कार्रवाई जारी है।) View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कायस्थम सम्मानों की घोषणा, चित्रांश प्रतिभाओं का होगा सम्मान हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार कटघरे में : 10-10 हजार का जुर्माना, फिर भी अनुपालन शून्य—पहले भी लग चुका है दंड