भोपाल/उज्जैन, प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में 2028 सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के लिए प्रस्तावित लैंड पूलिंग योजना को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इस आदेश के तहत उज्जैन विकास प्राधिकरण की सिंहस्थ लैंड पूलिंग योजना के अंतर्गत प्रस्तावित नगर विकास स्कीम क्रमांक 8, 9, 10 और 11 को पूर्ण रूप से रद्द कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से पहले भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, क्योंकि नवंबर में जारी कुछ आदेशों को केवल संशोधन माना जा रहा था। अब नए आदेश से पुराने सभी संबंधित निर्देशों को भी निरस्त कर दिया गया है, जिससे उज्जैन की सभी लैंड पूलिंग योजनाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। यह बड़ा निर्णय किसान संगठनों के लगातार विरोध और आंदोलन की चेतावनी के बाद लिया गया है। भारतीय किसान संघ सहित अन्य किसान संगठनों ने योजना का कड़ा विरोध किया था, क्योंकि इससे किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन स्थायी रूप से प्रभावित होने का खतरा था। सिंहस्थ के लिए पहले की तरह अस्थायी व्यवस्थाएं ही की जाएंगी। गौरतलब है कि भाजपा के एक स्थानीय विधायक ने भी लैंड पूलिंग एक्ट का कड़ा विरोध जताया था और किसानों के साथ आंदोलन में शामिल होने की चेतावनी दी थी। किसान संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन कुछ का कहना है कि यह उनकी जीत है। सरकार का कहना है कि सिंहस्थ 2028 दिव्य और भव्य होगा, लेकिन किसानों और साधु-संतों की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। अब सिंहस्थ क्षेत्र में कोई स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा। यह फैसला उज्जैन सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस के साइबर सुरक्षा अभियान में एक और अभिनव प्रयास ‘हम आपके हैं महाराज जी…’, प्रेमानंद जी महाराज से मिलकर भावुक हुए विराट-अनुष्का