इंदौर। प्रदीप चौधरी।। फरियादी ने सबसे पहले थाने में रिपोर्ट लिखवाई कि घर से करीब दो लाख रुपये के गहने-नकदी गायब हैं। पुलिस ने भी इसे सामान्य चोरी मानकर केस दर्ज कर लिया और उसी हिसाब से जांच शुरू की। लेकिन जब डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची तो कुत्ता ‘तू-तू’ ने पूरे फ्लैट को सूंघते हुए जो इशारा किया, उससे पुलिसवालों के होश उड़ गए। तलाशी के दौरान अलमारियों, बक्सों और छिपी जगहों से कुल दस लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के जेवर, नकदी और कीमती सामान बरामद हुए जो चोरी गए थे, यह सब पहले से गायब थे, सिर्फ फरियादी को शुरुआत में इतना ही पता था। यानी पुलिस कागजों में दो लाख की चोरी लिखकर बैठी थी, जबकि असल नुकसान पांच गुना ज्यादा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलासिया जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में दिन के समय इतनी बड़ी चोरी होना और पुलिस को उसकी गंभीरता का अंदाजा तक न होना, यह शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ आसपास के संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। डॉग स्क्वॉड के ‘तू-तू’ ने जहां एक तरफ पुलिस की खुली पोल कर दी, वहीं दूसरी तरफ यह भी साबित कर दिया कि कभी-कभी दो पैरों से ज्यादा भरोसा चार पैरों पर किया जा सकता है। पलासिया चोरी कांड में ‘तू-तू’ बना असली हीरो: डॉग स्क्वॉड की पूरी कहानी इंदौर। गायत्री अपार्टमेंट की दिनदहाड़े दस लाख की चोरी में जब इंसानी पुलिस शुरुआती रिपोर्ट के हिसाब से सिर्फ दो लाख की चोरी समझकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही थी, तब डॉग स्क्वॉड का सिपाही ‘तू-तू’ (लैब्राडोर नस्ल, उम्र 6 साल) ने महज 18 मिनट में सारी पोल खोल दी। कैसे खुली असल चोरी की रकम? फरियादी ने पुलिस को बताया था कि सिर्फ एक अलमारी का ताला टूटा है और उसमें से करीब 1.5-2 लाख के गहने-नकदी गायब हैं। मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने भी बिना गहन तलाशी के यही मान लिया और केस दर्ज कर लिया। अगले दिन सुबह 9:30 बजे डॉग स्क्वॉड हैंडलर हवलदार संजय परमार अपने कुत्ते ‘तू-तू’ को लेकर पहुंचे। ‘तू-तू’ ने क्या-क्या किया? सबसे पहले मुख्य दरवाजे से सूंघना शुरू किया → सीधे बेडरूम की ओर दौड़ा। बेडरूम में बेड के नीचे रुका और जोर-जोर से भौंकने लगा → वहां से चोरों का इस्तेमाल किया हुआ एक जोड़ी मोजा मिला। फिर अलमारी के पास गया → लेकिन वहां रुकने की बजाय किचन की ओर भागा। किचन में गैस सिलेंडर के पीछे दीवार से सटी एक छोटी सी आलमारी पर पंजे मारकर बैठ गया → जब आलमारी खोली गई तो अंदर से 8 लाख से ज्यादा के सोने के गहने, हीरे की अंगूठी और 50 हजार नकद मिले। उसके बाद ‘तू-तू’ बालकनी की ओर गया → वहां फूलों के गमले के नीचे दबी एक प्लास्टिक की थैली में चांदी के बर्तन और कुछ और जेवर मिले (लगभग 1.5 लाख कीमत)। अंत में ड्राइंग रूम में सोफे के पीछे एक खाली डिब्बे पर सूंघकर इशारा किया → वहां चोरों का फेंका हुआ च्विंगम का रैपर और एक सिगरेट का टुकड़ा मिला। कुल मिलाकर ‘तू-तू’ ने उन सारी जगहों को चिन्हित कर दिया, जहां इंसानी आंखें नहीं पहुंच पाई थीं। 18 मिनट की इस कार्रवाई के बाद चोरी की राशि दो लाख से बढ़कर दस लाख के पार पहुंच गई। डॉग स्क्वॉड की टीम ने क्या कहा? हैंडलर संजय परमार ने बताया,“तू-तू को 2020 में भोपाल डॉग ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेंड करके लाया गया था। यह अब तक इंदौर में 47 चोरी और 9 मर्डर केस में अहम सुराग दे चुका है। इस बार भी उसने साबित कर दिया कि अगर सही से सूंघने को मिले तो चोर कितना भी चालाक हो, कुछ न कुछ छोड़ ही जाता है।” पलासिया थाना प्रभारी ने शर्मिंदगी जाहिर करते हुए कहा कि डॉग स्क्वॉड की रिपोर्ट के बाद ही पूरी तलाशी ली गई, वरना मामला दो लाख में ही दब जाता। फिलहाल ‘तू-तू’ के मिले सुरागों के आधार पर पुलिस तीन संदिग्धों की तलाश कर रही है, जिनमें एक पूर्व घरेलू नौकर भी शामिल है। शहरवासियों का कहना है –“साहब लोग फाइलें बंद करने में लगे थे, असली पुलिस तो चार पैरों वाला निकला!” View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन अब इंतजार खत्म दो साल से रुका हुआ मांडू उत्सव इस वर्ष अनुकंपा नौकरी मिलने के बावजूद डिप्रेशन से हारीं महिला हेड कांस्टेबल, फांसी लगाकर दी जान