संजय वर्मा। आष्टा (सिवनी मालवा), 1 दिसंबर 2025: VIT विश्वविद्यालय भोपाल के छात्रों के साथ हो रहे कथित शोषण और 25 नवंबर को हुई मारपीट की घटना के विरोध में आज ब्लॉक कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार राम पगारे को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं SDM के नाम दो ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में मुख्य मांग है कि VIT प्रबंधन द्वारा छात्रों पर किए जा रहे आर्थिक-शारीरिक शोषण की SIT गठित कर जांच कराई जाए। मारपीट करने वाले सुरक्षा गार्डों व प्रबंधन के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी हो। विश्वविद्यालय द्वारा अतिक्रमित सरकारी जमीन व किसानों के रास्तों को मुक्त कराया जाए। अवैध निर्माण, टैक्स चोरी और जमीन खरीद में अनियमितता की भी जांच हो। “सरकार के संरक्षण में चल रहा लूट का अड्डा” – हरपाल ठाकुर प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हरपाल ठाकुर ने कहा,“VIT प्रबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के संरक्षण में छात्रों के साथ खुलेआम अन्याय कर रहा है। 12 हजार छात्रों से मोटी फीस और हॉस्टल-मेस के नाम पर लाखों रुपए वसूले जाते हैं, बदले में न साफ पानी मिलता है न शुद्ध भोजन। पानी की बोतल से लेकर चिप्स तक सब दोगुने दाम पर बेचा जाता है। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो प्रबंधन के इशारे पर गार्डों ने लाठियां भांजी।” उन्होंने आगे कहा,“घटना के तुरंत बाद प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर कलेक्टर-एसपी को लेकर कैंपस पहुंचीं और बिना किसी जांच के प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी। इससे साफ है कि प्रबंधन को ऊपर तक संरक्षण है। ऐसे में कोई जांच अधिकारी सच्ची रिपोर्ट देने की हिम्मत करेगा? सरकार व्यापारियों को शिक्षण संस्थान चलाने की छूट दे रही है।” ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष की चेतावनी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र शोभाखेड़ी ने कहा,“मारपीट करने वाले गार्ड और प्रबंधन के खिलाफ तत्काल FIR हो। जो छात्र घर गए, उनके आने-जाने का खर्च प्रबंधन दे। यदि 7 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस तहसील और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी। आगे कोई अप्रिय घटना हुई तो पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।” जमीन विवाद पर भी हमला कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने कई किसानों की पट्टा जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। किसानों के खेतों के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। अवैध निर्माण किए गए हैं और टैक्स भी नहीं दिया जा रहा। इन सभी बिंदुओं पर भी SIT जांच की मांग की गई है। प्रदर्शन में AICC सदस्य हरपाल ठाकुर, ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र शोभाखेड़ी, नगर अध्यक्ष जाहिद गुड्डू, जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह चौहान, गुलाब बाई ठाकुर, महेश मुंदीखेड़ी, सुनील कटारा, डॉ. हरि मेवाड़ा, रमेश मेवाड़ा, खालिद पठान, तौसीफ उद्दीन, लोकेंद्र बनवट, राजकुमार मालवीय, निसार मसूदी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब सबकी नजरें भोपाल पर टिकी हैं कि छात्रों के साथ हुए इस कथित अन्याय पर सरकार SIT गठित करती है या फिर मामला दब जाता है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ब्लैकलिस्टेड कंपनी को फिर ठेका: एमवाय हॉस्पिटल के डीन ने भोपाल के आदेश को ठेंगा दिखाया इंदौर : गुड बाय करते हुए अपनी पेंटिंग बनाकर 17 साल की छात्रा ने लगाई फांसी, घर पर थी अकेली