बस्तर (छत्तीसगढ़), 26 नवंबर 2025कभी नक्सलियों के खौफ से थर्राने वाला बस्तर आज सुरक्षाबलों के हौसले और सरकार की मजबूत रणनीति से नई सुबह देख रहा है। दशकों तक लाल आतंक के साये में जीने वाला यह इलाका अब तेजी से विकास और शांति की राह पर चल पड़ा है। जहां कभी नक्सली खुलेआम हथियार लहराते थे, आज वहीं सुरक्षाबलों के जवान बेखौफ गश्त लगा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सैकड़ों नक्सली मारे जा चुके हैं, कई टॉप कमांडर ढेर हो चुके हैं और बड़ी संख्या में उग्रवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इस पूरे अभियान की कमान जिस शख्स के कंधों पर है, उनका नाम है – आईजी पी. सुंदरराज। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी को नक्सल विरोधी ऑपरेशनों का ‘मास्टरमाइंड’ कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उनकी रणनीति और जमीनी नेतृत्व ने नक्सलवाद की रीढ़ तोड़ दी है। मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी सुंदरराज पी 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। जब वे पहली बार बस्तर आए थे, तब महज 25 साल के युवा अधिकारी थे। उस समय बस्तर में नक्सलियों का इतना खौफ था कि स्थानीय लोग भी शाम ढलते ही घरों में दुबक जाते थे। लेकिन सुंदरराज ने हार नहीं मानी। स्थानीय आदिवासियों का भरोसा जीता, खुफिया तंत्र को मजबूत किया और लगातार सटीक ऑपरेशन चलाए। View this post on Instagram उनके नेतृत्व में पिछले कुछ सालों में दर्जनों बड़े एनकाउंटर हुए। नक्सलियों के कई बड़े लीडर जैसे माड़वी हिडमा के करीबी कमांडर, महिला कमांडरों सहित सैकड़ों उग्रवादी या तो मारे गए या सरेंडर करने को मजबूर हुए। नए कैंप खुलने से सुरक्षाबलों की पहुंच उन घने जंगलों तक हो गई, जहां पहले नक्सली सुरक्षित महसूस करते थे। आईजी सुंदरराज का मानना है – “नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सिर्फ गोली नहीं, दिल जीतना भी जरूरी है।” यही वजह है कि उनके नेतृत्व में ‘लोन वर्राटू’ (घर वापसी) अभियान को भी जबरदस्त सफलता मिली। सैकड़ों नक्सली उनके सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आज देश के सबसे तेज-तर्रार और साहसी आईपीएस अधिकारियों में शुमार सुंदरराज पी ने साबित कर दिया कि सही रणनीति, अटूट इच्छाशक्ति और जवानों का मनोबल ऊंचा रखकर किसी भी चुनौती को हराया जा सकता है। बस्तर आज सचमुच बदल रहा है। जंगल के उस पार अब गोलियों की गूंज नहीं, बच्चों की पढ़ाई और सड़कों पर दौड़ते वाहनों की आवाज गूंज रही है। और इस बदलाव के नायक हैं – आईजी पी. सुंदरराज और उनके जांबाज जवान। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर : लौह पुरुष को लखनवी सलामी! 150वीं जयंती पर एकता यात्रा का भव्य स्वागत, CM ने पटेल प्रतिमा पर किया माल्यार्पण इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने किया द्वारिकापुरी थाने का औचक निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश