भोपाल,। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने सर्दियों के मौसम में भी स्कूलों में निर्धारित गणवेश (यूनिफॉर्म) को लेकर सख्ती बरतते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय ने कहा है कि यदि सर्दी के मौसम में किसी दिन गणवेश से अलग रंग या डिज़ाइन के कपड़े/स्वेटर पहनकर विद्यार्थी स्कूल आते हैं तो उन्हें कक्षा में उपस्थित होने से नहीं रोका जाए, लेकिन यह भी साफ कर दिया है कि सर्दी के मौसम में विद्यार्थियों को उनके जूते-चप्पल कक्षा के बाहर उतारने हेतु बाध्य किया जाता है तो यह स्वस्थ खराब होने की संभावना रहती है। इसलिए विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर जूते-चप्पल उतारने हेतु बाध्य न किया जाए। संचालनालय के संयुक्त संचालक डी.एस. कुशवाह द्वारा 18 नवंबर 2025 को जारी दो अलग-अलग पत्रों (क्रमांक 2266 एवं 2287) में यह निर्देश दिए गए हैं। पहले पत्र में प्रदेश के सभी शासकीय/अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के गणवेश प्रोटोकॉल को सर्दी के मौसम में भी पूरी तरह लागू करने को कहा गया है। दूसरे पत्र में विभिन्न स्तर के शिक्षा अधिकारियों को इस निर्देश के कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है। ज्ञात रहे कि मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के लिए नीले- सफेद और कक्षा 9-12 के लिए ग्रे-सफेद रंग का गणवेश निर्धारित है। निजी स्कूलों में भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित मानक गणवेश ही लागू होता है। शिक्षाविदों ने संचालनालय के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जूते-चप्पल उतारने की पुरानी प्रथा से बच्चों के पैर ठंडे हो जाते थे और बीमार होने की आशंका रहती थी। अब यह निर्देश बच्चों के स्वास्थ्य के लिए राहत देने वाला है, वहीं गणवेश की एकरूपता भी बनी रहेगी। संचालनालय ने सभी जिला एवं संभागीय शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा उल्लंघन करने वाले स्कूलों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई करें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नीतीशे कुमार: राजस्व जुटाना और वादे पूरा करना होगी अहम चुनौती- वोट चोरी का मुद्दा उलटा पड़ा मृत व्यक्ति की ‘आत्मा’ लेने ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे परिजन, पुजारी भी साथ मौजूद, एक घंटे की मनुहार