सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश में कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिडमा को मार गिराया है.माडवी हिडमा पर 26 बड़े सशस्त्र हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था, जिनमें दरभा घाटी नरसंहार शामिल है.हिडमा PLGA बटालियन नंबर एक का प्रमुख था और CPI (माओवादी) केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य था.सुरक्षाबलों को आज बड़ी सफलता मिली है. कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिडमा (43) को सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश में ढेर कर दिया है. हिडमा वही दहशत का नाम है, जिस पर कम से कम 26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था. 43 वर्षीय हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 का सुकमा हमला सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था. आंध्र प्रदेश पुलिस के एक अभियान में माडवी हिडमा और 5 अन्य माओवादियों को मार गिराया गया है. सुरक्षाबलों ने इसे अल्लूरी सीताराम राजू (ASR)जिले के मारेदुमिल्ली में मार गिराया है. 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा के पुवर्ती इलाके में हिडमा का जन्म हुआ वह PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बना था और सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य रहा. View this post on Instagram 01 करोड़ का इनामी था हिडमासूत्रों की मानें तो सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी मारी गई है. हिडमा उर्फ संतोष PLGA बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था. यह सबसे घातक माओवादी हमला इकाई मानी जाती है. बता दें कि वह CPI (माओवादी) केंद्रीय समिति में बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी था. उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था. किन-किन हमलों के पीछे था हिड़मा? 👉2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 CRPF जवान शहीद 👉2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल 👉2021 सुकमा–बीजापुर हमला: 22 सुरक्षाबलों के जवान शहीद इसके अलावा सालों तक बस्तर में सबसे घातक माओवादी ऑपरेशनों की अगुवाई की. हिड़मा की मौत को सुरक्षा एजेंसियां बस्तर में माओवादी नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी सफलता मान रही हैं. Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जनसुनवाई में आमजन लेकर आए अपनी व्यथा, पुलिस कमिश्नर ने दिए त्वरित निराकरण के निर्देश उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए 18 पुलिसकर्मियों को सम्मानित, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने प्रदान किए प्रशस्ति पत्र व नकद पुरस्कार