एसपी गेहलोद की गाज से गिरा ‘ठगी-प्रेमी’ वर्दियों का साम्राज्य! देवास। प्रदीप चौधरी।। साइबर ठगों को पकड़ने गई पुलिस खुद ठगी के धंधे में उतर आई। कमलापुर थाना प्रभारी एसआई उपेंद्र नाहर और चापड़ा पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी एसआई राकेश नरवरिया ने 11 साइबर आरोपियों से लाखों रुपये वसूलकर थाने को ही ‘जमानत काउंटर’ बना दिया। जैसे ही मामला ऊपर पहुंचा, एसपी पुनीत गेहलोद ने दोनों को तत्काल लाइन अटैच कर निलंबित कर दिया। जांच के डर से उपेंद्र नाहर तो थाना आए ही नहीं—सीधे ‘सिक लीव’ लेकर फरार! थाने में कैश का खेल 11 साइबर ठग पकड़े गए → अगले ही दिन थाने में पैसों की बौछार। वकीलों की एंट्री → लेन-देन के बाद “जमानत हो गई” का डायलॉग। वरिष्ठों को झूठ → “रुपये जब्त नहीं हुए, कोर्ट तय करेगा।” पीड़ितों को ठेंगा → शिकायत लेकर आए तो खाली हाथ लौटे। सोशल मीडिया पर वायरल, एसपी का एक्शन सिवनी कांड जैसी घटना सोशल मीडिया पर वायरल होते ही एसपी गेहलोद हरकत में आए। दोनों एसआई निलंबित जांच सौंपी एएसपी सौम्या जैन को उपेंद्र नाहर गायब → सिक लीव पर भागे, थाना नहीं पहुंचे। वर्दी पर सवाल एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा— “ठगों से ज्यादा खतरा उन वर्दियों से है, जो कानून नहीं—कैश देखकर फैसला सुनाती हैं।” एसपी गेहलोद ने कहा, “कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की विश्वसनीयता से समझौता बर्दाश्त नहीं।” View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन वंदेमातरम, द्वि-राष्ट्रवाद का सिद्धांत और स्वाधीनता का संघर्ष पुलिस विभाग: कुछ काले धब्बों के बीच चमकती ईमानदारी की मिसाल