पुलिस आंकड़े: 15 अक्टूबर तक 11,917 लापता, 61% महिलाएं; पिछले 4 साल से यही रुझान नई दिल्ली, 1 नवंबर: राजधानी की सड़कों पर हर रोज 41 महिलाएं और बच्चियां गायब हो रही हैं। दिल्ली पुलिस के ताजा आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि 1 जनवरी से 15 अक्टूबर 2025 तक कुल 19,682 लोग लापता हुए, जिनमें 61 फीसदी यानी 11,917 महिलाएं और बच्चियां हैं। पुरुषों की संख्या 7,765 (39%) रही। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि 12 से 18 साल की किशोरियां सबसे ज्यादा शिकार बन रही हैं। इस आयु वर्ग में 4,167 बच्चे लापता हुए, जिनमें 78 फीसदी (3,258) लड़कियां थीं। कुल लापता बच्चों में भी 72 फीसदी लड़कियां (3,509) हैं। वर्षवार आंकड़े: महिलाओं का अनुपात ऊंचा वर्ष कुल लापता महिलाएं प्रतिशत 2025* 19,682 11,917 61% 2024 24,893 14,752 59% 2023 24,481 14,193 58% 2022 23,818 13,814 58% (15 अक्टूबर तक) बरामदगी की स्थिति कुल बरामद: 10,780 (55%) लंबित: 8,902 किशोरियों में बरामद: 68% (2,231/3,258) राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली टॉप पर एनसीआरबी (2019-21) के अनुसार, देश में 13.13 लाख से ज्यादा महिलाएं-लड़कियां लापता हुईं। दिल्ली में 84,000 से अधिक मामले दर्ज, जो देश में सबसे ज्यादा है। कारण और चुनौतियां मानव तस्करी, घरेलू विवाद, गरीबी, प्रवासी आबादी पहले 24 घंटे में कार्रवाई न होने से मामले जटिल सीसीटीवी, मोबाइल ट्रैकिंग का इस्तेमाल बढ़ा, लेकिन परिणाम सीमित पुलिस की अपील “लापता व्यक्ति की सूचना तुरंत 1098 या नजदीकी थाने में दें। देरी से बचाव मुश्किल हो जाता है।”— दिल्ली पुलिस महिला एवं बाल विकास विभाग हर महीने लापता बच्चों की सूची जारी कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में सुरक्षा शिक्षा और परिवारों में जागरूकता ही स्थायी समाधान है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर: चंदन नगर पुलिस की ड्रोन सर्चिंग में पकड़ा गांजा पीते नशेड़ी, NDPS एक्ट में केस दर्ज केमिकल फैक्ट्री में आग से दो महिलाओं की मौत, छोटी दिवाली पर दीपक जलाना बना कारण; CM यादव ने जताया दुख, 4-4 लाख की सहायता घोषित