देवास, 5 अक्टूबर 2025: मध्य प्रदेश के देवास जिले के वैशाली एवेन्यू इलाके में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। एक किराये के मकान से 22 वर्षीय लक्षिता चौधरी का शव बरामद हुआ, जिसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। हत्या का कारण एक नीला पानी का ड्रम बताया जा रहा है, जिसमें आरोपी ने युवती को डुबोकर मार डाला। आरोपी, जो लक्षिता का प्रेमी निकला, ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। क्या है पूरा मामला? पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, लक्षिता चौधरी, जो एक स्थानीय कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी, 29 सितंबर को गरबा खेलने के लिए घर से निकली थी। उसने अपनी मां को बताया कि वह दोस्तों के साथ गरबा में जा रही है, लेकिन रात तक घर नहीं लौटी। परिजनों ने चिंता जताते हुए पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की। तीन दिन तक कोई सुराग न मिलने के बाद, 1 अक्टूबर को लक्षिता के कथित दोस्त मोनू उर्फ मनोज चौहान ने परिवार को मैसेज भेजकर बताया कि उसने लक्षिता की हत्या कर दी है और शव उसके किराये के मकान में है। पुलिस ने तुरंत वैशाली एवेन्यू में मोनू के मकान पर छापा मारा। वहां कमरे में बेडशीट से ढका हुआ लक्षिता का शव मिला, जिसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। पास में एक नीला ड्रम पानी से भरा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि लक्षिता की मौत डूबने से हुई। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने जेलसी के चलते लक्षिता को ड्रम में डुबोकर मार डाला और फिर शव को बांधकर कमरे में छोड़ दिया। इसके बाद वह फरार हो गया था, लेकिन अपराधबोध के कारण उसने सरेंडर कर दिया। View this post on Instagram हत्या का कारण: जेलसी और मामूली विवाद पुलिस पूछताछ में मोनू ने बताया कि वह और लक्षिता पिछले कुछ समय से रिलेशनशिप में थे। हाल ही में उसे शक हुआ कि लक्षिता किसी और से बात कर रही है। 29 सितंबर को जब लक्षिता उसके कमरे पर आई, तो दोनों में इस बात को लेकर तीखी बहस हुई। गुस्से में आकर मोनू ने लक्षिता को पानी से भरे नीले ड्रम में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसने शव को बांधकर कमरे में छिपाने की कोशिश की। परिवार का दर्द और स्थानीय माहौल लक्षिता के पिता दिनेश चौधरी एक निजी कंपनी में कर्मचारी हैं। परिवार ने बताया कि लक्षिता पढ़ाई में अच्छी थी और गरबा का बहुत शौक रखती थी। उसकी मां ने रोते हुए कहा, “हमने उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। हमें क्या पता था कि उसकी दोस्ती इतनी भयानक साबित होगी।” शव का अंतिम संस्कार 3 अक्टूबर को देवास में किया गया। इस घटना के बाद वैशाली एवेन्यू और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग नीले ड्रम को अब डर की नजर से देख रहे हैं, और बाजार में इसकी बिक्री पर भी असर पड़ा है। पुलिस की कार्रवाई और जांच थाना प्रभारी सिटी कोतवाली श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी मोनू के खिलाफ हत्या (आईपीसी धारा 302), सबूत मिटाने की कोशिश (आईपीसी धारा 201) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या कोई तीसरा व्यक्ति इस मामले में शामिल था, जैसा कि आरोपी ने जेलसी का हवाला दिया है। मोनू को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सामाजिक चेतावनी और नीले ड्रम की कुख्याति यह मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में नीले ड्रम से जुड़ा तीसरा हत्याकांड है। इससे पहले मेरठ और अन्य शहरों में भी नीले ड्रम में शव छिपाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद यह सामान्य घरेलू सामान अब डर का प्रतीक बन गया है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे रिश्तों में जेलसी और गुस्से पर काबू रखें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर देने की सलाह दी गई है। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज में रिश्तों, विश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरे सवाल उठाती है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बड़नगर में सराफा क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर पुलिस का कड़ा रुख आरएसएस का भव्य पथ संचलन: सांदीपनी स्कूल से शुरू, शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा