इंदौर। अंकुल प्रताप सिंह, बघेल। पाटनीपुरा मालवा पुल का निर्माण कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है, फिर भी व्यापारियों के हित और दीपावली के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए 2 अक्टूबर को इसका उद्घाटन कर आवागमन शुरू कर दिया गया। इंजीनियरों के अनुसार, पुल पर डामरीकरण का कार्य बाकी है, क्योंकि बारिश के मौसम में डामर और गिट्टी के बीच मजबूत पकड़ नहीं बन पाती, जिससे डामर जल्दी उखड़ सकता है। अभी इस जगह को चूरी सिमेंट के जरिए ढलान का आकार देकर समतल किया गया पुल के निर्माण में 2.5 इंच की जगह छोड़ी गई थी, जिसे बारिश के बाद डामर से भरा जाना था। हालांकि, अभी इस जगह को चूरी सिमेंट के जरिए ढलान का आकार देकर समतल किया गया है, ताकि वाहनों को गड्ढों जैसा एहसास न हो और आवागमन में सुविधा रहे। इंजीनियरों का कहना है कि डामरीकरण न केवल पुल की सतह को मजबूत बनाता है, बल्कि इसे लंबे समय तक नुकसान से भी बचाता है। पुल शुरू होने के बाद भी पुल के नीचे लगे तरपे अभी तक नहीं हटाए गए हैं, और निर्माण कार्य के लिए 20 दिन का समय और चाहिए था। इसके बावजूद, व्यापारियों की सुविधा और दीपावली के व्यापार को ध्यान में रखते हुए यातायात शुरू किया गया। पुल पर पानी भरने की समस्या भी डामरीकरण न होने के कारण है। डामर की परत चढ़ने के बाद पानी पुल पर नहीं रुकेगा और नीचे दी गई पाइपलाइन के जरिए सुचारू रूप से निकल जाएगा। इंजीनियरों ने तकनीकी आधार पर स्पष्ट किया कि मौजूदा मौसम में डामरीकरण करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे डामर की गुणवत्ता प्रभावित होगी और वह जल्दी खराब हो सकता है। इस प्रकार, व्यापारियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पुल पर आवागमन शुरू किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य की पूर्णता के लिए अभी और समय की आवश्यकता है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रास्तों के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर कैथी मुसलहा गांव के लोग इंदौर: भाजपा पार्षद के भतीजे गांजा तस्करी में गिरफ्तार
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