भोपाल। प्रदीप चौधरी। मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज होने वाली मानवाधिकार आयोग की बैठक और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति की बैठक बुलाई गई है। इस प्रस्तावित नियुक्ति प्रक्रिया में कई तरह की आपत्तियां हैं, जो संवैधानिक मूल्यों और पारदर्शिता पर सवाल उठाती हैं। सिंघार ने कहा, “मानवाधिकार आयोग न्याय का मंदिर है, जिसकी नींव संवैधानिक मूल्यों पर टिकी है। यह संस्था प्रदेश की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाई गई है। मैं उम्मीद करता हूँ कि मुख्यमंत्री आज की चयन बैठक में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ प्रदेश की जनता के हितों को प्राथमिकता देंगे।” आज शाम 4 बजे होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में मानवाधिकार आयोग के रिक्त पदों पर नियुक्तियों को लेकर चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताएँ बरती गईं, तो यह जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रक्रिया में सभी पक्षों की सहमति और संवैधानिक मूल्यों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह बयान मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि मानवाधिकार आयोग की नियुक्तियाँ हमेशा से संवेदनशील और चर्चा का विषय रही हैं। अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या उमंग सिंघार की आपत्तियों का समाधान होता है। इस बैठक के नतीजे प्रदेश में मानवाधिकारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर: अवैध वसूली के खिलाफ भगवा ऑटो रिक्शा चालक संघ के नेता की जबरदस्त भिड़ंत, वीरेंद्र त्रिपाठी को उल्टे पांव लौटना पड़ा डिप्टी सीएम की जिद ने पुराने न्यायालय भवन से किया जुदा.