इंदौर, आमिर खान: महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में नगर निगम जोन 22 के दरोगा गोपाल पटौना और थर्ड आई कंपनी के सुपरवाइजर भरत मुराड़ियां शामिल हैं। सुनील तालान – उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर View this post on Instagram उप पुलिस अधीक्षक (लोकायुक्त) सुनील तालान ने बताया कि आवेदक मनोज चौहान, जो ट्रैक्टर से सी-21 मॉल का मलबा ढोने का काम करता है, ने शिकायत दर्ज की थी। मनोज ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को गोपाल और भरत ने उसके ट्रैक्टर को यह कहकर रोक लिया कि मलबे के साथ कचरा भी है। उन्होंने ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी और धमकी दी कि अन्यथा ट्रैक्टर जब्त कर लिया जाएगा। बात 5,000 रुपये में तय हुई, जिसमें से 2,000 रुपये उसी समय ले लिए गए और मनोज का मोबाइल भी रख लिया गया। बाकी 3,000 रुपये 25 सितंबर को देने के लिए कहा गया।लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत मिलने पर सत्यापन के बाद ट्रैप दल गठित किया गया। 25 सितंबर को गोपाल पटौना ने 3,000 रुपये की रिश्वत ली और इसे भरत मुराड़ियां को सौंप दिया। इस दौरान गोपाल ने मनोज से मासिक रिश्वत की भी मांग की। लोकायुक्त की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7, 61(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। ट्रैप दल में निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, सब इंस्पेक्टर रहीम खान, प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक शैलेंद्र बघेल, आदित्य भदौरिया, कमलेश परिहार, राकेश मिश्रा और ड्राइवर शेरसिंह शामिल थे।लोकायुक्त की इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है, और मामले की गहन जांच जारी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में प्रॉपर्टी ब्रोकर पर फायरिंग, हालत गंभीर केरल की धर्मनिरपेक्ष विरासत की पुनः पुष्टि!