काठमांडू में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। खबरों के मुताबिक, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनकी कैबिनेट के कुछ मंत्री हेलीकॉप्टर से अज्ञात स्थान की ओर भागते देखे गए हैं। यह दावा नेपाली मीडिया अन्नपूर्ण ने किया है, हालांकि ओली के करीबियों का कहना है कि वह देश छोड़कर नहीं भाग रहे और नेपाल में ही रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, ओली इलाज के बहाने दुबई जाने की तैयारी में हो सकते हैं, और इसके लिए हिमालय एयरलाइंस का एक निजी विमान स्टैंडबाय पर है। View this post on Instagram प्रदर्शनकारियों, खासकर Gen Z आंदोलनकारियों, ने सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन को क्रांति में बदल दिया है। काठमांडू की सड़कों पर भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, और कई मंत्रियों के घरों में आग लगा दी। नेपाल के वित्त मंत्री को सड़क पर दौड़ाकर पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर भी प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर लिया और उसे आग के हवाले कर दिया। सोमवार को हुई हिंसा में पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 350 से ज्यादा घायल हैं। गृह मंत्री रमेश लेखक ने सोमवार देर रात इस्तीफा दे दिया, जबकि कृषि और स्वास्थ्य मंत्रियों ने भी अपने पद छोड़ दिए। सहयोगी दलों के कई सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है। काठमांडू एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है, और स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यह आंदोलन, जो सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ, अब भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ व्यापक असंतोष का प्रतीक बन गया है। सभी दलों के नेता प्रदर्शनकारियों के निशाने पर हैं, जिन्होंने नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, माओवादी नेता पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’, और अन्य नेताओं के घरों पर हमला कर आगजनी की। खबरों के अनुसार, ओली आज शाम सर्वदलीय बैठक बुला सकते हैं, जिसमें वह इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि वह सेना प्रमुख को इस्तीफा सौंपकर देश छोड़ सकते हैं। नेपाल में Gen Z के नेतृत्व में यह क्रांति पूरे देश को हिला रही है। स्थिति बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे हालात की ओर बढ़ रही है, जहां जन आंदोलनों ने सरकारों को उखाड़ फेंका था। नेपाल की जनता, खासकर युवा और छात्र, अब और भ्रष्टाचार बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं। : काठमांडू में भारी उथल-पुथल, नेपाल में क्रांति की आग काठमांडू, नेपाल: नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। ताजा खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनकी कैबिनेट के कुछ मंत्रियों के हेलीकॉप्टर से काठमांडू छोड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ओली सरकार के पतन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। प्रमुख घटनाक्रम: प्रधानमंत्री ओली का इस्तीफा: हिंसक विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक, सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल ने उन्हें इस्तीफा देने की सलाह दी थी। संसद भवन में आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन पर कब्जा कर लिया और उसे आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के निजी आवास पर भी हमला हुआ और उसे आग लगा दी गई। वित्त मंत्री पर हमला: बेकाबू भीड़ ने वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़क पर घसीटकर पीटा। प्रदर्शनकारियों ने सेना के हथियार भी छीन लिए। एयरपोर्ट बंद: त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टीआईए) को हिंसा के चलते पूरी तरह बंद कर दिया गया है। एयर इंडिया और इंडिगो ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। विपक्षी दफ्तरों पर हमले: नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय (सानेपा) और सीपीएन-यूएमएल के दफ्तर पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। हिंसा में हताहत: सोमवार को हुए प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोगों की मौत और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए। पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, लेकिन गोलियां चलने की खबरें भी सामने आई हैं। आंदोलन का कारण: प्रदर्शन शुरू में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ थे, जो सरकार ने 4 सितंबर को लागू किया था। लेकिन जल्द ही यह भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में बदल गया, जिसमें जेन-जेड और युवाओं ने नेतृत्व किया। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, यह आंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकार के विश्वास की कमी के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रतीक है। वर्तमान स्थिति: काठमांडू में कर्फ्यू: हिंसा को नियंत्रित करने के लिए काठमांडू और अन्य शहरों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन कर रहे हैं। मंत्रियों का पलायन: कई मंत्रियों, जैसे गृहमंत्री रमेश लेखक और स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल, ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है। कुछ मंत्रियों को सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। बालेंद्र शाह का उभार: काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में प्रस्तावित किया जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। जनता का गुस्सा: नेपाल की जनता, विशेष रूप से जेन-जेड, छात्र और महिलाएं, सड़कों पर उतर आई हैं। प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और संयुक्त राष्ट्र ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोलीबारी की निंदा की है और पारदर्शी जांच की मांग की है। आगे क्या? नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता गहराती जा रही है। विपक्षी दल नए नेतृत्व के लिए समीकरण तलाश रहे हैं, जिसमें बालेंद्र शाह और शेखर कोइराला जैसे नाम चर्चा में हैं। हालांकि, हिंसा और असंतोष का माहौल अभी भी बेकाबू है, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन खेत को घर समझकर पड़ा रहा शराबी सरपंच, शव की सूचना पर पुलिस ने बचाई जान, खुरई के बाड़ौली गांव का मामला इंदौर कांग्रेस नेता गजेंद्र वर्मा के गंभीर आरोप, राहुल गांधी से मांगी जांच