प्रदीप चौधरी।। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक वायरल वीडियो के कारण विवादों में घिर गए हैं। वीडियो में कथित तौर पर पवार सोलापुर जिले के कुर्डु गांव में अवैध मुरुम खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही एक महिला IPS अधिकारी, अंजना कृष्णा, को फोन पर धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है, जिसमें लोग पुलिस स्वतंत्रता और राजनीतिक दखलंदाजी पर सवाल उठा रहे हैं। View this post on Instagram वीडियो में पवार को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया है, “सुनो, मैं डिप्टी सीएम बोल रहा हूं, कार्रवाई रोक दो,” और जब अधिकारी ने उनकी आवाज नहीं पहचानी और सीधे कॉल करने को कहा, तो उन्होंने गुस्से में जवाब दिया, “मैं तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई करूंगा। इतना दुस्साहस कैसे हुआ?” इसके बाद पवार ने वीडियो कॉल के जरिए अधिकारी को कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया।विपक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने पवार पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि यह राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य है। वहीं, आम आदमी पार्टी के विजय कुम्भार ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया।अजित पवार का स्पष्टीकरणविवाद बढ़ने के बाद, पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई दी। उन्होंने कहा, “मेरा इरादा कानून प्रवर्तन में हस्तक्षेप करना नहीं था, बल्कि स्थिति को शांत रखना और बिगड़ने से रोकना था। मैं पुलिस बल और विशेष रूप से महिला अधिकारियों का बहुत सम्मान करता हूं। मैं पारदर्शी शासन और अवैध गतिविधियों, जैसे कि रेत खनन, पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हूं।”NCP का बचावराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पवार का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बातचीत का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को शांत करना था, न कि कार्रवाई को पूरी तरह रोकना। उन्होंने कहा, “अजित दादा की बोलने की शैली सीधी है, लेकिन वे अवैध गतिविधियों का समर्थन नहीं करते।”सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाई हैं। कुछ यूजर्स ने इसे पुलिस अधिकारियों की स्वतंत्रता पर हमला बताया और पवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि अन्य ने इसे उनकी “सीधी बात” की शैली का हिस्सा करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “अजित पवार का एक IPS अधिकारी को धमकाना सत्ता का दुरुपयोग है। कानून का पालन करने वाले अधिकारियों को संरक्षण मिलना चाहिए।”घटना की जानकारी. यह घटना सोलापुर के कुर्डु गांव में हुई, जहां IPS अधिकारी अंजना कृष्णा अवैध मुरुम खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और NCP कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद एक कार्यकर्ता ने पवार को फोन सौंपा। इस घटना ने पुलिस और राजनीतिक नेताओं के बीच तनाव को उजागर किया है।यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ एक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बड़ी खबर. यूट्यूब पर उज्जैन के बड़नगर में शुरू हुई डायल 112 सेवा, आपातकालीन सहायता के लिए मिलेगी त्वरित मदद