इंदौर। इंदौर जिला कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक फैसले में पांच वकीलों को हत्या के प्रयास (धारा 307/34) के मामले में दोषी ठहराया है। यह देश का संभवतः पहला ऐसा मामला है, जिसमें पांच वकील एक साथ एक ही अपराध में दोषी पाए गए हैं। यह मामला उज्जैन कोर्ट परिसर में 2009 में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पटेल पर हुए जानलेवा हमले से संबंधित है, जिसका उद्देश्य उन्हें गवाही देने से रोकना था। मामले का विवरणउज्जैन में 2009 में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पटेल पर कोर्ट परिसर में जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में इंदौर जिला कोर्ट में 15 वर्षों तक चली लंबी गवाही और बहस के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया ने पांच वकीलों—धर्मेंद्र शर्मा, शैलेंद्र शर्मा, उनके पिता सुरेंद्र शर्मा, भवेंद्र शर्मा और पुरुषोत्तम राय—को धारा 307/34 (हत्या का प्रयास और साझा मंशा) के तहत दोषी करार दिया। यह हमला पत्रकार को गवाही देने से रोकने के लिए किया गया था। ऐतिहासिक फैसलाइंदौर जिला कोर्ट के 24 नंबर कोर्ट में सुनाए गए इस फैसले को देश में अपनी तरह का पहला मामला माना जा रहा है, जहां पांच वकील एक साथ इस तरह के गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए हैं। कोर्ट में सजा पर बहस जारी है, और कुछ ही देर में सजा की अवधि का ऐलान किया जाएगा। फैसले की महत्तायह फैसला न केवल कानूनी क्षेत्र में बल्कि समाज में भी एक मिसाल कायम करता है, क्योंकि यह गवाहों की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने की गंभीरता को रेखांकित करता है। इस ऐतिहासिक निर्णय की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बड़नगर पुलिस की सराहनीय कार्रवाई: नाबालिग बालिका को राजकोट से किया दस्तयाब, आरोपी गिरफ्तार मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को मिला एक साल का एक्सटेंशन