गाजियाबाद:फर्जी दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन जैन के खिलाफ यूपी एसटीएफ ने इंटरपोल से संपर्क कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया है। शहर के पॉश एरिया कविनगर से फर्जी तरीके से दूतावास चलाने और खुद को राजदूत कहने वाले हर्षवर्धन से जुड़े कुछ रसूखदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। कई देशों में शेल कंपनियां खोलकर करोड़ों के लेनदेन के मामले में जैन के 18 खातों की बारीकी से जांच चल रही है। इसकी पूरी रिपोर्ट इनकम टैक्स और ईडी को भी भेजी गई है। सूत्रों का कहना है कि शहर के कई रसूखदारों ने भी आरोपी के जरिए मोटी रकम इधर से उधर की होगी। ऐसे में वे भी कानून के शिकंजे में फंस सकते हैं। वहीं, जांच एजेंसियां अब आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी में हैं। इसके लिए कल (सोमवार) को कोर्ट में अर्जी लगाई जाएगी। रिमांड पर पूछताछ के बाद कड़ियों को जोड़ा जाएगा। जैन के यहां काम करने वाले कुछ लोगों के साथ ही करीबियों को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि उनसे भी कुछ सुराग हाथ लग सके राजदूत बताकर दिया धोखागौरतलब है कि कविनगर निवासी हर्षवर्धन जैन (47) पर आरोप है कि वह खुद को कई देशों का राजदूत बताकर लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करता था है। इस बाबत एसटीएफ से शिकायत की गई। फिर उसके घर पर छापेमारी की गई। उसके पास से विदेश मंत्रालय की कई मोहर व दस्तावेज मिले थे। घर में कई देशों की करंसी, विदेश मंत्रालय की मोहर, 20 जोड़े डिप्लोमैटिक कार की नंबर प्लेट, 12 फर्जी पासपोर्ट, हर्षवर्धन नाम के दो पैन कार्ड, अलग-अलग देश व कंपनियों की 34 मोहर, 12 कंपनियों की महंगी घड़ी, लैपटॉप, एक मोबाइल और आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड व दो प्रेस कार्ड समेत अन्य पेपर मिले थे। जैन ने लंदन से एमबीए किया है। वहां रहने के दौरान तांत्रिक चंद्रास्वामी के संपर्क में आया। चंद्रस्वामी ने उसकी मुलाकात सऊदी निवासी आर्म्स डीलर अदनान खरगोशी और एहसान अली सैयद से कराई थी। एहसान अली के साथ मिलकर हर्षवर्धन ने कई शेल कंपनियां बनाईं। इनमें करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन करने का आरोप है। करीबियों को सरकारी गवाह बनाने की तैयारीअब एसटीएफ और लोकल पुलिस तमाम कड़ियां जोड़ने में लगी हैं। सबसे पहले उसके साथ काम करने वाले कुछ कर्मचारी और करीबियों को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि अब तक की जांच में दुबई और अमेरिका समेत कई देशों में शेल कंपनियां खोलकर करोड़ों के ट्रांजैक्शन के सबूत जांच एजेंसियों को मिले हैं। इसकी कड़ियां जोड़कर उन्हें साक्ष्य के साथ कोर्ट में पेश करने की तैयारी है, ताकि जैन को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सके। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में कई चौकाने वाली जानकारियां मिली हैं। अब जैन का रिमांड मिलने के बाद कुछ और सवालों के जवाब मिलेंगे। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस पूरे खेल में जैन अकेला नहीं है, इससे जुड़े शहर के कई नामचीन लोग भी शामिल हैं। इनका पैसा जैन के माध्यम से लगाया गया। क्या ये रसूखदार भी हवाला के जरिए फंड को बाहर भेजते थे? पूरे केस में इनकम टैक्स और ईडी समेत कई एजेंसियां शामिल हो सकती हैं। सवालों के घेरे में खुफिया विभागएसटीएफ की जांच से लग रहा है कि जैन कविनगर की कोठी से पिछले कई साल से अपना सिंडिकेट चला रहा था। उसके घर के बाहर तमाम लग्जरी गाड़ियां होती थीं। इन गाड़ियों पर डिप्लोमैटिक नंबर थे। आस-पास में शहर के तमाम बड़े लोगों की कोठियां हैं। इसके बाद भी स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग की नजर इस पर नहीं पड़ी। ऐसे में खुफिया विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। इसके पीछे कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं, इसकी भी इंटरनल जांच चल रही है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन हरियाली तीज: महादेव मंदिर में उत्साहपूर्ण धार्मिक आयोजन झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना की गाड़ी को डंपर ने मारी जोरदार टक्कर, बाल-बाल बचीं कलेक्टर