मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 मई 2025 को भदवाही ग्राम पंचायत में झुंझा नाला स्टॉप डैम पर आयोजित जल चौपाल में अधिकारियों की खातिरदारी ने सबको हैरान कर दिया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर सहित कई अधिकारी और ग्रामीण शामिल हुए, जहां ग्रामीणों ने श्रमदान किया और अधिकारियों ने जल संरक्षण का संदेश देने के साथ फोटो सेशन की औपचारिकता निभाई। लेकिन इस घंटेभर के आयोजन का बिल देखकर हर कोई दंग है।क्या हुआ चौपाल में?–खातिरदारी का बिल: अधिकारियों की मेहमाननवाजी में 5 किलो काजू, 5 किलो बादाम, 3 किलो किशमिश, 2 किलो घी, 30 किलो नमकीन, 20 पैकेट बिस्किट, 6 किलो दूध, 5 किलो चीनी, केला, अनार, सेब, अंगूर, चावल और तेल शामिल थे। कुल बिल 24,000 रुपये का बना, जिसमें से 19,000 रुपये अकेले काजू, बादाम, किशमिश, घी और चाय-नाश्ते पर खर्च हुए। बाकी 5,000 रुपये फल, चावल और तेल में जोड़े गए।– आयोजन का उद्देश्य: जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और ग्रामीणों को जल स्रोतों के महत्व के बारे में बताना। लेकिन इस “वीआईपी थाली” ने जल संरक्षण के संदेश को पीछे छोड़ दिया। अधिकारियों का जवाबशहडोल जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ ने कहा, “चाय-नाश्ते की व्यवस्था थी, लेकिन काजू-बादाम के बिल की जानकारी मुझे नहीं है। मैं दिखवाता हूं।” इस जवाब से सवाल उठता है कि क्या यह मामला सिर्फ जांच तक सीमित रहेगा या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?जनता की प्रतिक्रियासोशल मीडिया पर इस घटना को “काजू-बादाम घोटाला” करार दिया जा रहा है। लोग तंज कस रहे हैं कि जब गांवों में तालाब और कुएं सूख रहे हैं, तब अधिकारी जल संरक्षण के नाम पर ड्राई फ्रूट्स की “नदी” बहा रहे हैं। सवाल और भविष्य– क्या इतने बड़े पैमाने पर खर्च जायज था?– क्या इस मामले की गहन जांच होगी, या यह भी अन्य घोटालों की तरह दब जाएगा?– जल संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर इस तरह की फिजूलखर्ची से जनता का भरोसा कैसे बनेगा?जलगंगा संवर्धन अभियान का यह आयोजन अब जल संरक्षण से ज्यादा अपने “ड्राई फ्रूट घोटाले” के लिए चर्चा में है। जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन जनता जवाबदेही की प्रतीक्षा में है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन खाटू श्याम जी में दुकानदार और श्रद्धालुओं में मारपीट ई-केवायसी के बाद 20 लाख नये हितग्राहियों को मिलेंगी पात्रता पर्चियां : गोविंद सिंह राजपूत