बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने कहा खबर:बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने हाल ही में एक रेप मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें आरोपी के खिलाफ दर्ज बलात्कार के आरोप को खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी और पीड़िता की शादी हो चुकी है और उनके एक बच्चे का जन्म भी हो चुका है, जिसके आधार पर रेप का आरोप निरस्त किया जाता है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से वैवाहिक रिश्ता कायम हुआ और अब वे एक परिवार के रूप में जीवन जी रहे हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि पीड़िता ने स्वेच्छा से संबंध बनाए रखे और वर्तमान परिस्थितियों में रेप के आरोप को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इस फैसले में कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि विवाह और बच्चे के जन्म जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मामले को रद्द करना न्यायहित में है। हालांकि, इस फैसले पर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। एक एक्स पोस्ट में कहा गया कि शादी और बच्चा होने से रेप का आरोप अपने आप खत्म नहीं हो जाता, क्योंकि सहमति शादी पर निर्भर नहीं होती। यह भी चेतावनी दी गई कि इस तरह का फैसला भविष्य में खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है, खासकर वैवाहिक बलात्कार के मामलों में। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी जोड़ा कि इस फैसले को अन्य रेप मामलों के लिए आधार नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं। इस फैसले ने सामाजिक और कानूनी हलकों में बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग इसे पारिवारिक एकता को बढ़ावा देने वाला मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे सहमति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दों पर सवाल उठाने वाला बता रहे हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन “वे मुझे खींचकर रूम में ले गए और गैंगरेप किया” : कोलकाता लॉ कॉलेज में छात्रा के साथ हैवानियत लंबे समय से टिके भोपाल में कई पुलिसकर्मी थानों से हटाए गए