संतों की मौतों की सीबीआई जांच होनी चाहिए,, मिर्ची बाबा महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद के द्वारा आश्रमों की संपत्ति को हड़पने के लिए की जा रही है संतों की हत्या। प्रदीप चौधरी। उज्जैन महामंडलेश्वर योगपुरुष परमानंद गिरि महाराज के भतीजे अवम महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद के द्वारा कई संतों की जहर देकर हत्या की जा रही है जिसमे केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति एवम वात्सल्यग्राम की साध्वी ऋताम्बरा दीदी माँ भी सम्मिलित हैं, सर्वप्रथम हरिद्वार में अखंड परमधाम के महामंडलेश्वर अनुभूतानंद जी को अचानक मार दिया जाता है,दूसरा उज्जैन के जाने माने प्रखर अंतरराष्ट्रीय वक्ता शांतिस्वरूपानंद जी को साजिश के तहत चार धाम मंदिर से निष्कासित किया जाता है जिसमे माननीय गृहमंत्री एवम देश के प्रधानमंत्री की झूठी दिलाशा अधिकारियों को दिलाकर वर्षों-वर्षों से सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाले सभी संतों को ज्योतिर्मयानंद के द्वारा अखाड़े के महामंडलेश्वरों को उनके पदों से हटाया जा रहा है,तीसरा हरिद्वार के स्वामी नित्यानंद जी एवम बालानंद जी की रहस्यमयी हत्या, और कल चित्रकूट के महामंडलेश्वर श्री स्वामी जगत प्रकाश त्यागी जी का भी अचानक संसय भारी हत्या हो जाती है, दिल्ली के दिलशाद गार्डन पर कब्जा कुछ संतों को मरवाया जा रहा है, और कुछ संतों को डराया जा रहा है ये सब ज्योतिर्मयानंद के द्वारा इसलिए किया जा रहा है की ज्योतिर्मयानंद एक शादीशुदा व्यक्ति है और इसकी एक बेटी भी पायी जाती है और ज्योतिर्मयानंद अपने भाइयों को, भतीजों को, भांजों को और अपने चाचाओं को फ़र्ज़ी साधु बनाकर वहाँ बैठा रहा है सभी तीर्थ क्षेत्र पर बने हुए आश्रमों में होटल एवम दारू और वैषयव्रति करवा रहा है तथा मेरा देश के प्रधानमंत्री एवम देश के गृहमंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री जी से निवेदन है की इन सभी संतों के हत्या की सीबीआई जांच करवायी जाये, मैं महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज हमेशा से सच कहने की ताक़त रखता हूँ अंजाम कुछ भी हो ज्योतिर्मयानंद के द्वारा मुझे भी कई बार डराया गया धमकाया गया जब योगपुरुष स्वामी परमानंद जी द्वारा दिए गए वयान जिसमे परमानन्द जी ने संतों की कुत्ते से तुलना की थी उस पर मेरी प्रतिक्रिया के ऊपर वाले के तब ज्योतिर्मयानंद ने मुझे कई गुंडों से फ़ोन करवाया, आगे भारत की धरा पर किसी भी प्रदेश में अगर मेरे ऊपर हमला किया जाता है या कोई भी वारदात होती है तो इसका जिम्मेदार साध्वी ऋतांबरा, योगपुरुष स्वामी परमानंद गिरी और ज्योतिर्मयानंद होंगे, तथा मेरा 13 अखाड़े के अध्यक्ष श्री रवींद्रपुरी जी महाराज से और जूना अखाड़े के सचिव श्री हरिगिरी जी महाराज से निवेदन और प्रार्थना करता हूँ की ऐसे ग्रस्तियों को अखाड़े से तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए और संत समाज की गरिमा को बचाना चाहिए View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नंदबाग में शराब दुकान खोलने का विरोध, पुलिस बल तैनात, दुकान खुली तो बड़े आंदोलन की चेतावनी युवती से गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास, मंदिर जाने से रोका… कलमा पढ़ने का बनाया दबाव, 3 आरोपी गिरफ्तार