इंदौर/भोपाल, प्रदीप चौधरी।। 10 जून 2025: मध्य प्रदेश में रेत और गिट्टी की आपूर्ति को लेकर चल रही स्टोन क्रशर हड़ताल ने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है। आज से प्रदेश के करीब 2000 स्टोन क्रशर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके चलते निर्माण कार्य ठप हो गए हैं और लगभग 1 लाख लोग बेरोजगार हो गए हैं। इंदौर और भोपाल में यह हड़ताल नौवें दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिससे निर्माण उद्योग पर भारी संकट मंडरा रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण रेत और गिट्टी की कीमतों में वृद्धि, खनन नियमों में सख्ती और अवैध खनन पर प्रशासनिक कार्रवाई बताया जा रहा है। एक X पोस्ट के अनुसार, इंदौर जिले में हड़ताल को एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है, और बारिश से पहले निर्माण शुरू करने वालों की चिंताएं बढ़ रही हैं। इस हड़ताल से न केवल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, बल्कि निजी निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं। ठेकेदारों और मजदूरों का कहना है कि रेत और गिट्टी की कमी के कारण काम पूरी तरह बंद है, जिससे उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। उदाहरण के लिए, 2020 में इंदौर और देवास में रेत मंडी की हड़ताल के दौरान भी कीमतों में डेढ़ गुना वृद्धि देखी गई थी, और अब स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रदेश सरकार पर विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर बेरोजगारी और निर्माण कार्यों में देरी को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि वह खनन नियमों को और पारदर्शी बनाने के लिए काम कर रही है, लेकिन हड़ताल को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की मांग तेज हो रही है। निर्माण उद्योग से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो बेरोजगारी और आर्थिक नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है। हड़ताल के समाधान के लिए प्रशासन और स्टोन क्रशर संचालकों के बीच बातचीत की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन श्री पार्श्व सांचल सोनाणा तीर्थ धाम में हुआ तीन दिवसीय शष्टम वर्षगांठ महोत्सव जलवायु परिवर्तन : केवल पर्यावरण का संकट नहीं : वैश्विक ऊर्जा की राजनीति भी, पेड़ लगाने का नारा भ्रामक और अव्यावहारिक