आमिर खान: मध्यप्रदेश की सेंट्रल जेलों में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर अच्छे आचरण के आधार पर कैदियों को रिहा किया गया। इंदौर की सेंट्रल जेल से 10 उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों को रिहाई मिली, जिनमें एक महिला कैदी भी शामिल है। View this post on Instagram इन कैदियों में कुछ ने जमीनी विवाद में अपने ही भाई की हत्या की थी, तो कुछ ने छोटे-मोटे झगड़ों में अपनों का खून बहाया। लेकिन जेल में रहते हुए इन्होंने न सिर्फ अपने व्यवहार में सुधार किया, बल्कि एक कैदी ने तो 64 हजार रुपये की कमाई भी की। रिहा हुए कैदियों में बुरहानपुर के दशरथ ने बताया कि उन्हें अपनी गलती का पछतावा है और अब वे जेल से मिली राशि से खेती कर नया जीवन शुरू करेंगे। बहरहाल, ये सभी 10 कैदी धारा 302 के तहत उम्रकैद की सजा काट रहे थे। इस रिहाई ने उन्हें समाज में वापस लौटने का एक नया मौका दिया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन हज यात्रा 2025: इंदौर में तैयारियां पूरी, दो फ्लाइट्स की व्यवस्था ग्राम आरोग्य केंद्र वनडे में मनाई गई बाबा साहब की 134वी जयंती