मुस्ताअली बोहरा,अधिवक्ता एवं लेखकभोपाल । रमजान खत्म होने के बाद अगले दिन ईद मनाई जाती है। इसे मीठी ईद, सेवईयों वाली ईद और ईद-उल-फित्र भी कहा जाता है। ईद की नमाज के बाद लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं। गैर मुस्लिम भी अपने मुस्लिम दोस्तों के घर जाकर उन्हें उपहार देते हैं और गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश करते हैं। मलेशिया में इसे हरि राय एडिल्फीत्री कहा जाता है, उर्दू में यह चोई डीडी का अर्थ है छोटे ईद, जबकि तुर्की में यह शकर बेरामी या चीनी दावत है। भारत में रमजान के महीने पर बाजारों में खूब रौनक देखने को मिलती है। बड़ों से लेकर बच्चों तक हर कोई खुदा की इबादत में डूबा दिखाई देता है। कई शहरों में मुस्लिम इलाकों पर दिन के समय होटल को बंद रहते हैं। View this post on Instagram मस्जिदों में नमाज पढ़ने वालों की तादाद खासी बढ़ जाती है। रमजान में लोग एक-दूसरे को सहरी व इफ्तार की दावत देते हैं। कई जगहों पर मुस्लिम संस्थाओं के अलावा अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी इफतार का आयोजन किया जाता है। पाकिस्तान में होटल व खाने-पीने की सभी दुकाने बंद रहती है। इसके साथ लोग इस समय में टी.वी भी नहीं देखते हैं। वे अपना सारा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। बाजार व दुकानें खूब सजाई जाती है। मगर बाजार रात से सुबह सेहरी के समय खोला जाता है। ईराक में रमजान और ईद के मौके पर खजूर से बनी कलैचा पारम्परिक स्वीट डिश खाने की परंपरा है। इसे लोग खासतौर पर घर पर बनाकर खाते हैं। यह एक तरह की कुकीज है, जिसमें ड्राई फ्रूट्स व खजूर की स्टफिंग भरी जाती है। ट्यूनीशिया में लोग रात को दूरबीन की मदद से चांद का दीदार करते हैं। यहां भी मुसलमान रोजे रखकर कुरान की तिलावत करते हैं। इंडोनेशिया में रमजान के पाक महीने में बार व नाइट क्लब पूरे तरह से बंद किए जाते हैं। इसके अलावा होटल में दिन के दौरान पर्दे लगाए जाते हैं। ताकि रेस्टोरेंट में भोजन करने आने वाले का चेहरा छुप जाएं। हालांकि, बदलते वक्त के साथ अब पर्दे डालने की परंपरा भी कम होती जा रही है। मिस्र में रमजान के महीने में लालटेन जलाने की परंपरा है। यह फानूस नाम से जाना जाता है। उसे इफ्तार की मेज, खिड़की या बालकनी में लटकाया जाता है। लेकिन, हिन्दुस्तान में जिस भाईचारे, अमनो-अमान और सदभाव के साथ ईद मनाई जाती है उसकी मिसाल दुनिया के और किसी भी मुल्क में देखने को नहीं मिलती।………………………….. Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन “बरेली रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से बलात्कार: सुरक्षा पर उठे सवाल” पंजवों माँ बारण आई आं भला झूलेलालण…