रिपोर्टर मोहम्मद शाहिद 9300837746।। स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम आन्दोलन में वीरांगना झलकारी बाई का इतिहास स्वर्णिम रहा है, उनकी प्रतिमा के लिए MIC की बैठक में प्रस्ताव रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।यह बात महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कोली/कोरी समाज के प्रतिनिधि मंडल से कही।गौरतलब है कि अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ एवं कोली / कोरी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम की अमर शहीद दीपशिखा वीरांगना झलकारीबाई की प्रतिमा मध्यप्रदेश की औधोगिक एवं सांस्कृतिक राजधानी इन्दौर में लगाने की मांग विगत 28 सालों से की जा रही है, सन 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इन्दौर के प्रमुख चौराहे पर झलकारीबाई की प्रतिमा लगाने, झलकारी के नाम से प्रमुख सड़क मार्ग का नामकरण करने के साथ ही स्कूल एवं कालेज की पाठ्य पुस्तकों में झलकारीबाई के जीवन से जुड़ी मुख्य घटनाओं को प्रकाशित करने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार बदल जाने के बाद यह घोषण पूरी नहीं हो सकी। इसी संदर्भ में कोली/कोरी समाज का एक प्रतिनिधि मंडल अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कोली समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रकाश महावर कोली एवं मालवा प्रांताध्यक्ष ईश्वरलाल सोनोटिया के नेतृत्व वार्ड 72 के भाजपा पार्षद योगेश गेंदर के माध्यम से महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मिला और झलकारी बाई के बलिदान दिवस 4 अप्रेल के पूर्व ही झलकारी बाई की प्रतिमा दशहरा मैदान के कार्नर पर लगाने तथा दरगाह उषा नगर चौराहे का नामकरण झलकारी बाई के नाम पर करने की मांग की।उक्त जानकारी देते हुए अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के महासचिव दिनेश वर्मा दानिश, सम्भागीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धीमान ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम आन्दोलन में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ कंधे से कधा मिलाकर उनकी अभिन्न सहेली एवं अंगरक्षक के रूप में कोली/कोरी समाज की वीरांगना झलकारीबाई ने फिरंगी अंग्रेज दुश्मनों से लोहा लिया, लेकिन विडम्बना यह है कि इतिहास के पन्नो में वीरांगना झलकारीबाई को वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसकी वे हकदार थी। इसी बात को लेकर झलकारी महासंघ एवं कोली / कोरी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी इन्दौर में वीरांगना झलकारीबाई की प्रतिमा लगाने की मांग विगत 28 वर्षों से की जा रही है। View this post on Instagram आज महांसघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली के नेतृत्व में कोली/कोरी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों सहित प्रहलाद टाटवाल, दिलीप खंडेलवाल, महेश वर्मा, रमेश चिरगैया, नवीन चौधरी, कैलाश सम्भरवाल आदि मौजूद थे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन “गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम को दी 3 महीने की जमानत” जीआरपी अशोकनगर के आरक्षक ने तत्परता दिखाते हुए बालिका की जान बचाई